
मुंबई। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लगभग तीन दशक से फरार चल रहे घोषित अपराधी अनंत तांबेडकर उर्फ अनंत तांबितकर को गुरुवार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी खुफिया सूचनाओं और जमीनी सत्यापन के आधार पर एजेंसी ने उसकी लोकेशन का पता लगाया और उसे दबोच लिया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई ने वर्ष 1992 में बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था, जिसमें कथित फर्जी वित्तीय लेनदेन के माध्यम से स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर को नुकसान पहुंचाया गया था। जांच पूरी होने के बाद वर्ष 1996 में आरोपपत्र दायर किया गया। मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत ने नौ आरोपियों को दोषी ठहराया था। अधिकारियों के अनुसार, अनंत तांबेडकर उन आरोपियों में शामिल था, जिन पर जालसाजी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिए धोखाधड़ीपूर्ण लेनदेन में संलिप्त रहने का आरोप था। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद वह फरार हो गया था, जिसके चलते उसे घोषित अपराधी घोषित किया गया। सीबीआई अधिकारी ने बताया कि अदालत ने उसके मुकदमे को अन्य आरोपियों से अलग कर दिया था। अब गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ लंबित कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।




