
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने आवासीय और व्यावसायिक परिसरों सहित बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) से गीले कचरे के उठाव के लिए थर्ड-पार्टी एजेंसियों की सेवा पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब कचरा संग्रहण का कार्य सीधे बीएमसी कर रही है।बीएमसी ने संकेत दिया है कि भविष्य में मॉल, होटल और अन्य व्यावसायिक परिसरों से कलेक्शन चार्ज वसूला जाएगा, जबकि आवासीय परिसरों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। बीएमसी ने 2017 से सभी BWG को ऑन-साइट वेस्ट ट्रीटमेंट अनिवार्य किया था, लेकिन इसका पालन बेहद कम हुआ है। वर्तमान में 2,609 बड़े आवासीय और व्यावसायिक BWG में से केवल 784 ही परिसर में गीले कचरे का निपटारा करते हैं। वहीं 727 अभी भी प्रतिबंधित थर्ड-पार्टी ट्रांसपोर्ट का सहारा लेते हैं और 1,098 सीधे बीएमसी को कचरा सौंपते हैं। पिछले महीने नगर निकाय ने सभी BWG को नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया था कि वे बाहरी एजेंसियों का इस्तेमाल बंद करें और उन्हें भुगतान करना भी रोकें, क्योंकि अब कचरे का संग्रहण पूरी तरह बीएमसी के जिम्मे है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये थर्ड-पार्टी एजेंसियां अक्सर कचरे को सड़कों और नालों के पास फेंक देती थीं, इसी कारण उनके अनुबंध नवीनीकृत नहीं किए गए। फिलहाल बीएमसी सभी प्रकार के BWG से मुफ्त कचरा उठा रही है, लेकिन व्यावसायिक परिसरों से भविष्य में शुल्क वसूलने की योजना है। अधिकारी ने कहा कि चूंकि ये संस्थान पहले से ही थर्ड-पार्टी एजेंसियों को भुगतान करते थे, इसलिए उनसे शुल्क लिया जाएगा, जबकि आवासीय परिसरों से कोई राशि नहीं ली जाएगी। नियमों के मुताबिक, जो प्रतिष्ठान प्रतिदिन 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं या जिनका क्षेत्रफल 5,000 वर्ग मीटर से ज्यादा है, उन्हें BWG माना जाता है। शहर प्रतिदिन करीब 6,500 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न करता है। इसमें से लगभग 10 प्रतिशत देओनार लैंडफिल तक पहुंचता है, जबकि अधिकांश कचरा कांजुरमार्ग लैंडफिल में भेजा जाता है, जो मुंबई का मुख्य कचरा निपटान केंद्र है।




