2017 से पहले यूपी में माफिया चलाते थे समानांतर सरकारें : मुख्यमंत्री योगी

लोकभवन में 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को दिखाई हरी झंडी, वीर पुलिसकर्मियों का सम्मान और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन


लखनऊ, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पूर्ववर्ती सरकारों की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफिया का बोलबाला था और कई जगह समानांतर सत्ता व्यवस्था जैसी स्थिति थी। उन्होंने कहा कि उस समय पुलिस के सामने भी गंभीर चुनौतियां थीं। मुख्यमंत्री ने ये बातें लोकभवन में आयोजित पुलिस कार्यक्रम में कहीं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान किए और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद उनकी सरकार ने पुलिस सुधारों और तकनीक के इस्तेमाल को आगे बढ़ाया। उन्होंने दावा किया कि प्रकाश सिंह द्वारा लंबे समय से उठाए गए पुलिस सुधारों को लागू करने की दिशा में उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रदेश में वर्तमान में सात पुलिस कमिश्नरेट कार्यरत हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही समृद्धि की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है और यूपी पुलिस की थीम ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ इसी भावना को व्यक्त करती है। उन्होंने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह के सेवाकाल का उल्लेख करते हुए तराई क्षेत्र में आतंकवाद के दौर और उस समय पुलिस के सामने मौजूद चुनौतियों का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस प्रशिक्षण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी कमजोर थी। उन्होंने कोसीकलां, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा और कर्फ्यू का जिक्र करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ अर्थव्यवस्था, रोजगार, तकनीक और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी चुनौतियां थीं। ये पूर्ववर्ती व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री के राजनीतिक दावे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था में विचार, वीरता और तकनीक का समन्वय जरूरी है। इसी क्रम में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए इंटरसेप्टर वाहन पुलिस बल को सौंपे गए हैं। इन वाहनों में चारपहिया और दोपहिया वाहन शामिल हैं और इन्हें आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें पुलिस सेवा के अनुभव और चुनौतियों को सामने लाया गया है। उन्होंने कहा कि विचार और आचरण में समन्वय होने पर ही उसका प्रभाव व्यावहारिक जीवन में दिखाई देता है।

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