
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अधिवक्ता संघ, कानपुर नगर ने कोलकाता निवासी नाजिया इलाही द्वारा कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट कानपुर नगर को ज्ञापन सौंपकर उनके विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। 30 जून 2026 को पुलिस आयुक्त को प्रेषित ज्ञापन में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष इरशाद अहमद ने आरोप लगाया कि नाजिया इलाही की कथित टिप्पणियां इस्लाम के प्रमुख पैगंबर (स.अ.व.) तथा उम्मुल मोमिनीन हजरत आयशा सिद्दीका (र.अ.) के प्रति आपत्तिजनक हैं, जिससे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और व्यापक आक्रोश व्याप्त है।ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाए तथा यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। संघ का कहना है कि इस प्रकार की कथित टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के लिए प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न कर सकती हैं। अध्यक्ष इरशाद अहमद एवं महासचिव रियाजुर्रहमान ने संयुक्त रूप से कहा कि देश में भाईचारे, सामाजिक समरसता और शांति बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की अपील की। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार के मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई से स्पष्ट संदेश जाएगा कि किसी भी धर्म, समुदाय अथवा उसकी आस्था के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष इरशाद अहमद तथा महासचिव रियाजुर्रहमान के हस्ताक्षर हैं। संघ ने कहा है कि वह इस प्रकरण में आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी लगातार नजर रखेगा।



