
मुंबई। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका ने इस वर्ष भी गणेशोत्सव को सुरक्षित, अनुशासित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को महानगरपालिका आयुक्त राधाबिनोद ए.शर्मा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त आयुक्त डॉ. संभाजी पानपट्टे की अध्यक्षता में गणेश मंडलों के पदाधिकारियों, मूर्तिकारों और मूर्ति विक्रेताओं की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप आयुक्त कविता बोरकर, कार्यकारी अभियंता नितीन मुकणे, विभिन्न प्रभाग अधिकारियों के साथ सार्वजनिक गणेश मंडलों, मूर्तिकारों और मूर्ति विक्रेताओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शाडू मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं के उपयोग को बढ़ावा देने तथा प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की मूर्तियों से बचने की अपील की गई। साथ ही प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल सजावट को अपनाने का भी आग्रह किया गया। महानगरपालिका ने गणेश विसर्जन के दौरान जल प्रदूषण रोकने के लिए कृत्रिम विसर्जन तालाबों का उपयोग, निर्माल्य का अलग संग्रह और वैज्ञानिक तरीके से उसका निस्तारण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक तथा ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश भी दिए। स्थानीय मूर्तिकारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से महानगरपालिका ने विशेष निर्णय लेते हुए शाडू मिट्टी की पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाएं बनाने और बेचने वाले मूर्तिकारों तथा विक्रेताओं को मूर्ति बिक्री के लिए मंडप की अनुमति निःशुल्क देने की घोषणा की है। वहीं निजी भूमि पर मूर्ति निर्माण केंद्र तथा सार्वजनिक स्थानों पर बिक्री मंडप लगाने के लिए निर्धारित शुल्क भी तय किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि महानगरपालिका की पूर्व अनुमति के बिना मंडप लगाकर मूर्ति निर्माण या बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी तथा अवैध मंडप हटाए जाएंगे। इसके अलावा स्वीकृत क्षेत्रफल से अधिक जगह घेरने पर भी जुर्माना लगाया जाएगा और अतिरिक्त निर्माण हटाया जाएगा। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. संभाजी पानपट्टे ने सभी गणेश मंडलों से महानगरपालिका के दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा विसर्जन प्रबंधन में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। महानगरपालिका ने नागरिकों से इस वर्ष का गणेशोत्सव हरित, स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाने का आह्वान करते हुए शाडू मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। साथ ही सभी गणेश मंडलों, मूर्तिकारों और विक्रेताओं से नियमों का पालन करते हुए अनुशासित एवं सुरक्षित गणेशोत्सव आयोजित करने का आग्रह किया गया।



