
झुग्गीवासियों से संवाद में नवाचार के लिए डॉ.महेंद्र कल्याणकर को मिला पुरस्कार
मुंबई। राज्य में प्रशासनिक सुधार और नागरिक सेवाओं को सरल बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पुराने कानूनों को समाप्त कर आवश्यकतानुसार नए कानून लाए जा रहे हैं, साथ ही विकेंद्रीकरण पर जोर देकर नागरिकों को सरल और प्रभावी सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कम नौकरशाही और अधिक प्रभावी सेवा देना ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में प्रशासन ‘गति और संवेदनशीलता’ के सिद्धांतों पर कार्य कर रहा है। बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ नागरिक सेवा सुधारों को भी समानांतर रूप से लागू किया जा रहा है।मुख्य सचिव ने कहा कि 100 और 150 दिनों के कार्यक्रमों में शीर्ष स्तर से लक्ष्य तय कर उनका मूल्यांकन किया गया, जिसमें अधिकारियों ने उल्लेखनीय कार्य किया। ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के तहत वर्ष 2029 तक के ठोस लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और सभी विभागों ने महत्वाकांक्षी एवं व्यावहारिक योजनाएं तैयार की हैं।राजीव गांधी प्रशासनिक गतिशीलता अभियान (प्रगति) के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों की नवाचारी सोच को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस दौरान कोतवाल, शिक्षक और आईएएस अधिकारियों की प्रस्तुतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रशासन के हर स्तर की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम की प्रस्तावना सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव पंकजकुमार ने की, जबकि यशदा के महानिदेशक सुहास दिवसे ने आभार व्यक्त किया।नवाचार और प्रशासनिक गतिशीलता पुरस्कारों की घोषणाकार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए अधिकारियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। मंत्रालय स्तर पर ‘ड्रोन आधारित निगरानी और डिजिटल डेटा मेंटेनेंस प्रणाली’ के लिए सचिव डॉ. रामास्वामी एन. को प्रथम पुरस्कार मिला, जबकि ‘कार्यालयीन कार्यप्रणाली सुधार’ के लिए डॉ. किरण कुलकर्णी को द्वितीय स्थान मिला। मुख्यालय स्तर पर ‘सतत मत्स्य व्यवसाय विकास’ के लिए आयुक्त प्रेरणा देशभ्रतार और डॉ. अतुल पाटणे को प्रथम पुरस्कार दिया गया, वहीं एसआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर को झुग्गीवासियों से संवाद बढ़ाने के लिए द्वितीय पुरस्कार मिला। विभागीय स्तर पर आदिवासी विकास विभाग, तलोदा के परियोजना अधिकारी अनय नवांदन को ‘वन संपदा, आईएफआर डैशबोर्ड’ के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। जळगांव जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीनल करनवाल और करिश्मा नायर को द्वितीय तथा वाशिम के ‘खाद उपलब्धता पोर्टल’ के लिए अभिजीत देवगिरकर को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।महानगरपालिका स्तर पर ‘कूल रूफ’ पहल के लिए अमरावती की आयुक्त वर्षा लढ्ढा और सौम्या शर्मा को प्रथम, ‘व्हॉट्सऐप व चैटबॉट सेवा’ के लिए अमोल येडगे और जी. श्रीकांत को द्वितीय तथा मीरा-भायंदर मनपा के आयुक्त राधाविनोद शर्मा को ‘ई-गवर्नेंस’ के लिए तृतीय पुरस्कार दिया गया।‘सर्वश्रेष्ठ नवाचार/उपक्रम’ (संस्था श्रेणी) में नंदुरबार के ‘सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2025’ के लिए जिलाधिकारी डॉ. मिताली सेठी और डॉ. वैभव सबनीस को प्रथम पुरस्कार मिला। वहीं ‘थ्रेड्स ऑफ चेंज’ (नवी मुंबई) के लिए स्मिता काले को द्वितीय और ‘बिंदू नामावली सॉफ्टवेयर’ (अमरावती) के लिए वैशाली पाथरे को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।अधिकारी और कर्मचारी श्रेणी में भी विभिन्न नवाचारी प्रस्तावों को सम्मानित किया गया, जिनमें ‘हमें खेलने दो’, ‘ई-महसूल प्रणाली’ और ‘गवर्नमेंट एसेट मैपिंग’ जैसे उपक्रम शामिल हैं।इस अवसर पर प्रशासनिक सुधार, नवाचार और जनसेवा को मजबूत बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई।




