
मुंबई (इंद्र यादव)। ठाणे में आगामी भारत की जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जनगणना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ठाणे महानगरपालिका (TMC) के निर्देशों की अनदेखी करने और राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में कई निजी स्कूलों के शिक्षकों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है।क्या है मामलाप्राप्त जानकारी के अनुसार, दिवा प्रभाग समिति के अंतर्गत आने वाले तीन प्रमुख स्कूल—ड्यू ड्रॉप इंग्लिश स्कूल, ग्लोबल इंग्लिश स्कूल और साउथ इंडियन स्कूल—के शिक्षकों को जनगणना 2027 के लिए नियुक्त किया गया था। इन सभी को 23 अप्रैल 2026 से शुरू हुए प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित रहना अनिवार्य था।इसके बावजूद संबंधित शिक्षक बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए और जनगणना ड्यूटी से इनकार कर दिया। इसे सरकारी आदेश की अवहेलना मानते हुए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया।किन शिक्षकों पर कार्रवाईमुंब्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एनसी (असंज्ञेय अपराध) रिपोर्ट के अनुसार:ड्यू ड्रॉप इंग्लिश स्कूल: अनुष्का नाईक, दीपिका पगारे, दिव्या हळदणकर, जयप्रकाश बेन बन्सी, कल्पना महाले, माधुरी गुरवग्लोबल इंग्लिश स्कूल: अनिकेत संजय जाधव, दीक्षा कन्हैया सिंह, संध्या रवी अहिरे, अनिकेत ओम प्रकाश गुप्ता, यश विश्वास भोसटेकरसाउथ इंडियन स्कूल: अरुण कुमार यादव व अन्यकानूनी कार्रवाईदिवा प्रभाग समिति के सहायक आयुक्त एवं चार्ज जनगणना अधिकारी शिवप्रसाद मारोतराव नागरगोजे की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 222 के तहत केस दर्ज किया है, जो लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा से संबंधित है।प्रशासन की सख्त चेतावनीमुंब्रा पुलिस स्टेशन के अधिकारी अनिल चंद्रकांत शिंदे ने स्पष्ट किया कि जनगणना एक कानूनी रूप से बाध्यकारी राष्ट्रीय दायित्व है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि यदि अन्य शिक्षक या कर्मचारी भी ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं, तो उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।




