
स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षित मातृत्व, बाल विकास और महिला सशक्तिकरण पर जोर; विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश
मुंबई। राज्य के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण उपलब्ध कराने के साथ सुरक्षित मातृत्व, बच्चों का सर्वांगीण विकास तथा महिलाओं का सशक्तिकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। गुरुवार को महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने संबंधित सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा में शाश्वत विकास लक्ष्यों को प्रभावी रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से मंत्रालय में शाश्वत विकास लक्ष्यों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि वर्ष 2030 तक संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित शाश्वत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals–SDGs) को प्रभावी रूप से हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी विभागों को योजनाबद्ध, परिणामकारी और समन्वित तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत योजनाओं के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए नियमित मूल्यांकन, प्रभावी क्रियान्वयन और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डॉ. अनुपकुमार यादव उपस्थित थे। एकीकृत बाल विकास सेवा योजना, नवी मुंबई की आयुक्त माधवी सरदेशमुख और महिला एवं बाल विकास आयुक्त वर्षा लड्डा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुईं। बैठक में महिला एवं बाल विकास तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग से संबंधित शाश्वत विकास लक्ष्यों के विभिन्न संकेतकों की विस्तृत समीक्षा की गई। महाराष्ट्र की मौजूदा स्थिति, राष्ट्रीय स्तर पर उसकी रैंकिंग, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में हुई प्रगति और वर्ष 2030 तक निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से कई महत्वपूर्ण संकेतकों में महाराष्ट्र ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गर्भवती महिलाओं में एनीमिया कम करने के लिए किए जा रहे उपायों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में कुपोषण, कम वजन और बौनेपन (Stunting) को कम करने के लिए चलाए गए पोषण संबंधी कार्यक्रमों से संतोषजनक सुधार होने की जानकारी अद्यतन आंकड़ों के आधार पर बैठक में दी गई। संस्थागत प्रसव, मातृ मृत्यु दर और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर जैसे स्वास्थ्य संकेतकों में भी महाराष्ट्र ने शाश्वत विकास लक्ष्यों के अनुरूप संतोषजनक प्रदर्शन बनाए रखा है। महिलाओं की पोषण स्थिति में सुधार, परिवार की निर्णय प्रक्रिया में उनकी बढ़ती भागीदारी और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं के अनुपात में वृद्धि को महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक प्रगति के महत्वपूर्ण संकेतक बताया गया। आगामी कार्ययोजना के तहत सभी विभागों को लंबित जानकारी निर्धारित समय में अपडेट करने, विभिन्न संकेतकों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें अपनाने और प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) को मजबूत बनाकर योजनाओं की रियल-टाइम निगरानी पर जोर देने के निर्देश दिए गए। आगामी बजट नियोजन को शाश्वत विकास लक्ष्यों और ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ की विकास दृष्टि के अनुरूप रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (APAR) में शाश्वत विकास लक्ष्यों से संबंधित प्रदर्शन को महत्वपूर्ण कार्य निष्पादन संकेतक (KPI) के रूप में शामिल करने तथा आकांक्षी जिलों और आकांक्षी तालुकों की प्रगति पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया गया।

