
इंद्र यादव/मुंबई। महाराष्ट्र पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-2, भिवंडी ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से कथित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने मंत्रालय स्थित महाराष्ट्र राजस्व विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक बेरोजगार युवक से करीब 70 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्याम खतकर, जुगल लोडया और रविंद्र शंखपुआ के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि तीनों के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक श्याम खतकर के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में नौ मामले दर्ज हैं। जुगल लोडया के खिलाफ दो मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में कथित धोखाधड़ी से परेशान एक पीड़ित की आत्महत्या के मामले में लोडया के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला भी दर्ज हुआ था। वहीं रविंद्र शंखपुआ के खिलाफ भी पूर्व में दो आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
मंत्रालय में पहुंच बताकर युवाओं को फंसाने का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते थे और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा सरकारी विभागों में अपनी पहुंच होने का दावा करते थे। इसी भरोसे के आधार पर पीड़ित को महाराष्ट्र राजस्व विभाग में लिपिक या टंकलेखक पद पर नौकरी दिलाने का कथित आश्वासन दिया गया। आरोप है कि नौकरी की प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए गिरोह ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। पीड़ित के घर डाक के माध्यम से कथित परीक्षा के प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं भेजी गईं। इसके बाद उसे कथित नियुक्ति पत्र भी दिया गया, ताकि उसे नौकरी मिलने का पूरा विश्वास हो जाए। इसी प्रक्रिया के दौरान पीड़ित से अलग-अलग माध्यमों से करीब 70 लाख रुपये लिए जाने का आरोप है।वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शीतल राऊत और उनकी टीम ने सहायक पुलिस आयुक्त शेखर बागड़े के मार्गदर्शन में मामले की जांच करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की तलाशी और जांच के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध एवं कथित फर्जी सामग्री बरामद की गई है। इनमें नकली पहचान पत्र, जाली रबर स्टैंप, फर्जी लेटरपैड और कथित नियुक्ति पत्र शामिल हैं। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
अन्य बेरोजगार युवाओं से भी ठगी की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि इस गिरोह ने केवल एक युवक को ही नहीं, बल्कि सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे कई अन्य युवाओं को भी इसी तरह निशाना बनाया हो सकता है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जीवाड़े में मंत्रालय अथवा किसी अन्य सरकारी विभाग से जुड़ा कोई व्यक्ति या कर्मचारी शामिल था या नहीं। भिवंडी क्राइम ब्रांच ने ऐसे अन्य लोगों से सामने आने की अपील की है, जिनके साथ सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर इसी तरह की धोखाधड़ी हुई हो। पुलिस का कहना है कि प्राप्त शिकायतों और साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

