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ठाणे में लगी ‘वाहनचालक मराठी पाठशाळा’, ऑटो-टैक्सी चालकों को सिखाया यात्रियों से सम्मानजनक संवाद

इंदिरा नगर में सातवें वर्ग का आयोजन, मराठी संवाद के साथ यातायात नियमों और यात्री सुविधा का दिया संदेश

इंद्र यादव/मुंबई/ठाणे। ऑटो और टैक्सी चालकों तथा यात्रियों के बीच बेहतर संवाद, आपसी सम्मान और सहज व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ठाणे के इंदिरा नगर में ‘वाहनचालक मराठी पाठशाळा’ के सातवें वर्ग का आयोजन किया गया। इस अनोखी पहल के माध्यम से वाहन चालकों को यात्रियों से सरल, मधुर और सम्मानजनक मराठी भाषा में बातचीत करने के तरीके बताए गए। इंदिरा नगर स्थित कर्मवीर रामनयन यादव मैदान, वागले इस्टेट, ठाणे में आयोजित इस पाठशाला में बड़ी संख्या में ऑटो-टैक्सी चालकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य रोजमर्रा के सफर के दौरान चालक और यात्री के बीच होने वाली बातचीत को सहज बनाना और छोटी-छोटी बातों को लेकर होने वाले विवादों को बेहतर संवाद के जरिए कम करना रहा। इस सामाजिक एवं जागरूकता अभियान को सफल बनाने में पूर्व नगरसेवक राजकुमार रामनयन यादव और समाजसेवक महेंद्र सोडारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान पोस्टर और बैनरों के माध्यम से वाहन चालकों को बताया गया कि महिला, पुरुष, बुजुर्ग, बच्चे सहित प्रत्येक यात्री के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाना चाहिए। साथ ही मराठी भाषा में विनम्र संवाद के माध्यम से चालक और यात्री के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया।
मीटर से लेकर ऑनलाइन पेमेंट तक सिखाया संवाद
पाठशाला में ऑटो-टैक्सी चालकों को रोजमर्रा के सफर के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों में यात्रियों से किस तरह बातचीत की जाए, इसकी जानकारी दी गई। इसमें मीटर चालू रखने, ऑनलाइन भुगतान और खुले पैसे के लेन-देन, बारिश के दौरान खिड़की बंद करने, ट्रैफिक की स्थिति बताने, बच्चों को स्कूल छोड़ने तथा किसी विशेष स्थान तक जाने के दौरान होने वाली सामान्य बातचीत को शामिल किया गया। इन परिस्थितियों में मराठी के सरल और सम्मानजनक शब्दों एवं वाक्यों का प्रयोग करने के लिए वाहन चालकों को प्रेरित किया गया।पाठशाला में यातायात नियमों के पालन पर भी विशेष जोर दिया गया। वाहन चालकों को संदेश दिया गया कि ट्रैफिक नियमों का पालन केवल पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि चालक, यात्री और सड़क पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इस दौरान संदेश दिया गया—“नियम पाळणे ही जबाबदारी नाही, ती जीवनाची खात्री आहे।” यानी नियमों का पालन केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा की गारंटी है। आयोजकों का कहना है कि इस तरह की पाठशाला से वाहन चालकों को मराठी भाषा में बेहतर संवाद करने में मदद मिलने के साथ यात्रियों के प्रति व्यवहार और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी। कार्यक्रम में शामिल चालकों ने भी इस पहल में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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