
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। उन्नाव में हिंदी रंगमंच दिवस के अवसर पर एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के प्रसिद्ध साहित्यकार नसीर अहमद नसीर की कहानियों का प्रभावशाली मंचन किया गया। यह कार्यक्रम उदय सांस्कृतिक संस्थान के नेतृत्व में स्थानीय किंग्सन इंटर कॉलेज में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि जनपद में पहली बार नाट्य शैली की विभिन्न विधाओं के माध्यम से कहानियों का मंचन किया गया। इस अनूठे प्रस्तुतीकरण का निर्देशन प्रसिद्ध रंगकर्मी जब्बार अकरम ने किया। उनके साथ रहमान रूमी, जया उपाध्याय, शफी अहमद खान, रफीक अहमद, राघवेंद्र सिंह और एस.के.टाइगर सहित अन्य कलाकारों ने विभिन्न कहानियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पंकज गुप्ता द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रंगमंच समाज में सकारात्मक विचारों का संचार करने का सशक्त माध्यम है और यह सामाजिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्नाव की धरती साहित्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक रूप से समृद्ध रही है और आज अन्य विधाओं में भी यहां के लोग देश-दुनिया में नाम रोशन कर रहे हैं।कार्यक्रम के आयोजक के रूप में सुरेंद्र वर्मा (प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय धर्म संसद) ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि अंत में कॉलेज के प्रबंधक अहमद मोनिस रिजवी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ रामनरेश ने किया। इस अवसर पर डॉक्टर प्रेमचंद सिंह, अस्मिता उपाध्याय, दिव्यांशी अवस्थी, अखिलेश तिवारी, शकील खान, संजय कुमार जायसवाल, आसिम जाफरी, विकेश बाजपेई, आजम अकरम, अभिषेक वर्मा, राघवेंद्र कुमार पाल, दिनेश प्रियमन, अनिल पांडे, मनीष सिंह सेंगर, प्रभात सिन्हा, आरिफ भाई, रघुराज मगन, इंद्रसेन सिंह, फैज अहमद अल्वी, शादाब हाशमी, निकुंज बाजपेई, अक्षय शुक्ला, इजहार अहमद, रिज़वान अख़्तर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल साहित्य और रंगमंच के समन्वय का उदाहरण बना, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हुआ।



