
‘फुटप्रिंट्स ऑफ डिग्निटी’ पुस्तक का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन
नागपुर। सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सीएफएसडी) की लीना बुद्धे द्वारा लिखित पुस्तक ‘फुटप्रिंट्स ऑफ डिग्निटी : बिल्डिंग टेन्योर राइट्स इन अर्बन स्लम्स ऑफ इंडिया’ का विमोचन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों नागपुर स्थित ‘रामगिरी’ में किया गया। पुस्तक में नागपुर शहर के झोपड़पट्टीवासियों को मालिकाना हक के पट्टे दिलाकर उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देने के लिए किए गए प्रयासों, सरकारी निर्णयों और इस पूरी प्रक्रिया का विस्तार से दस्तावेजीकरण किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि झोपड़पट्टी में रहने वाले नागरिकों को बड़े पैमाने पर मालिकाना हक के पट्टे देने वाला नागपुर देश का एकमात्र शहर है। सरकार का उद्देश्य केवल झोपड़पट्टीवासियों को जमीन का मालिकाना हक देकर रुक जाना नहीं है, बल्कि इन बस्तियों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर वहां रहने वाले नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर की झोपड़पट्टियों में रहने वाले नागरिकों को उनके घर और जमीन का अधिकार दिलाने की दिशा में लंबे समय से प्रयास किए गए हैं। इससे संबंधित विभिन्न निर्णयों और पूरी प्रक्रिया को पुस्तक में समाहित किया गया है। यह पुस्तक शहरी झोपड़पट्टियों में रहने वाले नागरिकों के भूमि एवं आवास अधिकारों से जुड़े विषय को समझने में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के लिए अपने घर और जमीन पर अधिकार केवल कानूनी दस्तावेज का विषय नहीं है, बल्कि यह उसके सम्मान और सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए मालिकाना हक देने के साथ संबंधित बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं का विकास कर वहां के नागरिकों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुस्तक की लेखिका लीना बुद्धे के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रही हैं और उन्होंने इस जटिल विषय को अध्ययनपूर्ण तरीके से पुस्तक में प्रस्तुत किया है। इस पुस्तक के माध्यम से झोपड़पट्टीवासियों को मालिकाना हक दिलाने की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण दस्तावेजीकरण हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस कार्य के लिए लीना बुद्धे को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

