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शिंदे की परभणी रैली पर सियासी पारा हाई, मनोज जरांगे की चेतावनी- सभा हुई तो मैं भी पहुंचूंगा

सांसद संजय जाधव ने कार्यक्रम रद्द करने से किया इनकार, कहा- तैयारियां पूरी, अब पीछे हटना संभव नहीं


परभणी। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अंतरवाली सराटी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल और परभणी के सांसद संजय जाधव के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की प्रस्तावित जनसभा को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है। भूख हड़ताल के दूसरे दिन जरांगे ने जाधव से 30 अगस्त को परभणी में प्रस्तावित शिंदे की सभा रद्द करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्यक्रम हुआ तो वे खुद वहां पहुंचेंगे। दूसरी ओर जाधव ने तैयारियां पूरी होने का हवाला देते हुए कार्यक्रम रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। परभणी के प्रियदर्शनी स्टेडियम में रविवार दोपहर एकनाथ शिंदे की बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। हाल ही में उद्धव बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना छोड़कर शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए सांसद संजय जाधव की ओर से इस सभा का आयोजन किया गया है। बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की संभावना के बीच जरांगे के विरोध ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। मीडिया से बातचीत में मनोज जरांगे ने सांसद संजय जाधव को सभा आयोजित नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मराठा समाज ने चुनाव के दौरान जाधव का साथ दिया था और आज जब यही समाज अपनी मांगों और आरक्षण के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है, तब ऐसे राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं है। जरांगे ने कहा कि यदि एकनाथ शिंदे की सभा आयोजित की गई तो वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। उन्होंने जाधव को यह भी चेतावनी दी कि मराठा समाज की भावनाओं की अनदेखी का असर भविष्य के चुनावों में दिखाई दे सकता है। जरांगे ने मराठा समाज से जुड़े नेताओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब समाज अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहा है, तब नेताओं को उसकी भावनाओं को समझना चाहिए। दूसरी ओर सांसद संजय जाधव ने सभा रद्द करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि मनोज जरांगे ने उनसे संपर्क कर एकनाथ शिंदे की मौजूदगी वाले कार्यक्रम को रद्द करने का अनुरोध किया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जाधव के मुताबिक, यदि यह बात एक दिन पहले कही गई होती तो कार्यक्रम रद्द करने पर विचार किया जा सकता था। जाधव ने कहा कि सभा की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ता तथा समर्थक परभणी पहुंच चुके हैं। ऐसे में आखिरी समय पर कार्यक्रम रद्द करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ता स्वयं सभा आयोजित करने पर अड़े हुए हैं और कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार ही होगा। अब दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर कायम रहने से प्रियदर्शनी स्टेडियम में होने वाली सभा पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। एक तरफ जरांगे ने सभा होने पर वहां पहुंचने की बात कही है, वहीं दूसरी तरफ जाधव कार्यक्रम रद्द करने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में संभावित टकराव को देखते हुए प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी खड़ी हो सकती है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटिल की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है और मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र में आ गया है। अब नजर इस बात पर है कि बातचीत या प्रशासनिक हस्तक्षेप से तनाव कम होता है अथवा परभणी की सभा नया राजनीतिक टकराव खड़ा करती है।

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