
ठाणे। विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आवाहन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। शनिवार को नवी मुंबई पुलिस के ‘नशामुक्त नवी मुंबई’ अभियान के तहत महाविद्यालयीन युवाओं में मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करने के लिए ‘कैंपस कनेक्ट’ विशेष अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया गया। नेरुल स्थित डी.वाय.पाटील यूनिवर्सिटीज सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री बोल रहे थे। इस अवसर पर वन मंत्री गणेश नाईक, रोजगार गारंटी एवं फलोत्पादन मंत्री भरत गोगावले, विधायक मंदाताई म्हात्रे, विधायक महेश बालदी, विधायक रविंद्र फाटक, विधायक विक्रम पाटील, नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील, पनवेल के महापौर नितीन पाटील, रायगढ़ जिला परिषद अध्यक्ष मंगेश वाकडीकर, कोंकण विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल, ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त कैलास शिंदे, पनवेल महानगरपालिका आयुक्त मंगेश चितळे, नवी मुंबई पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे तथा डी. वाय. पाटील महाविद्यालय के अध्यक्ष विजय पाटील सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मादक पदार्थों के आकर्षण तथा इसके गंभीर सामाजिक, शारीरिक और मानसिक दुष्परिणामों को देखते हुए नवी मुंबई पुलिस ने इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों तक सीधे पहुंचने का प्रयास किया है। महाविद्यालयीन परिसर युवाओं के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण चरण होता है। इसलिए इस आयु वर्ग में सही जानकारी और जागरूकता पैदा करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। भारत के ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की 65 प्रतिशत युवा आबादी हमारी बड़ी ताकत है। इस युवा शक्ति को कमजोर करने के लिए शत्रु राष्ट्र और असामाजिक तत्व युवाओं को नशे की ओर धकेलने का षड्यंत्र कर रहे हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को पूरी तरह नष्ट करने के साथ ही युवाओं में जागरूकता पैदा कर इन पदार्थों की मांग (डिमांड साइड) को समाप्त करना आवश्यक है। इसके लिए 360 डिग्री दृष्टिकोण अपनाना समय की आवश्यकता है।
‘नो टू ड्रग्स’ का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शैक्षणिक परिसर इस लड़ाई का केंद्र है और प्रत्येक विद्यार्थी नशे के खिलाफ अभियान का सैनिक है। नशे की गिरफ्त में आए विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि युवाओं के सहयोग से नशे को पराजित किया जाएगा और ‘सुजलाम-सुफलाम’ तथा विकसित भारत का सपना साकार होगा। इस अवसर पर पुलिस, महानगरपालिका, नागरिकों और युवाओं के संयुक्त प्रयासों से नवी मुंबई को पूरी तरह नशामुक्त और सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों नशामुक्ति पुनर्वास केंद्र तथा नशामुक्ति पर आधारित वीडियो का भी लोकार्पण किया गया। अभियान के तहत आयोजित जनजागरूकता पोस्टर और रील्स प्रतियोगिता में तीन-तीन सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

