
मुंबई। वाशिम जिले के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने वाशिम एमआईडीसी में सड़क, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु 44.85 करोड़ रुपये की मंजूरी देने का निर्णय लिया है। उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने बताया कि एमआईडीसी के मुख्य और आंतरिक मार्गों के डामरीकरण के लिए 18 करोड़ रुपये, पानी आपूर्ति योजना के लिए 16 करोड़ रुपये तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए 10.85 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाएंगे। वहीं, एमआईडीसी क्षेत्र में बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 33 केवी विद्युत लाइन निर्माण हेतु 3.82 करोड़ रुपये जिला नियोजन निधि (डीपीडीसी) से उपलब्ध कराने पर पालकमंत्री एवं कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने सहमति दी। मंत्रालय में उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत और पालकमंत्री दत्तात्रय भरणे की अध्यक्षता में वाशिम जिले के औद्योगिक विकास की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मंगलवार को बैठक में राज्यमंत्री इंद्रनील नाईक, विधायक भावना गवली, विधायक श्याम खोडे, सांसद संजय देशमुख, जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर, एमआईडीसी के सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजीत कुंभार तथा जिले के उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक में उद्योग मंत्री ने बताया कि वाशिम विकास केंद्र की मुख्य और आंतरिक सड़कों की स्थिति खराब हो चुकी है। इसके डामरीकरण के लिए 18 करोड़ रुपये के लंबित प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी देते हुए उन्होंने आकांक्षी जिले के रूप में वाशिम को प्राथमिकता देकर शीघ्र निधि जारी करने के निर्देश दिए। एमआईडीसी का वर्तमान जलापूर्ति तंत्र कुओं पर निर्भर है, जो गर्मियों में सूख जाने के कारण उद्योगों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पंचाळा बांध से पानी लाने की 16 करोड़ रुपये की योजना को भी स्वीकृति देते हुए उद्योग मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में एमआईडीसी क्षेत्र में लगातार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। उद्योगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए 33 केवी विद्युत लाइन स्थापित करने हेतु 3.82 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया, जिसे पालकमंत्री दत्तात्रय भरणे ने जिला नियोजन निधि से उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी स्वीकार की। डॉ. उदय सामंत ने एमआईडीसी के भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने, वाशिम एमआईडीसी में स्थायी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने तथा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) को सप्ताह में कम से कम एक दिन वाशिम में उपलब्ध रहने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने इसापुर बांध से प्रस्तावित जलापूर्ति योजना में एमआईडीसी के लिए अलग जल आरक्षण का प्रस्ताव जल संसाधन विभाग की जल आवंटन समिति को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए स्वतंत्र जलापूर्ति व्यवस्था और अलग पाइपलाइन विकसित करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में उद्योगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।

