
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार बुलढाणा जिले के चिखली तालुका के हातणी और वलती में प्रस्तावित एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस एंड एग्जीबिशन) प्रोजेक्ट तथा सिंदखेड राजा में राजमाता जिजाऊ की जन्मस्थली के अनुरूप ‘जिजाऊ सृष्टि’ परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं से विदर्भ क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा और गति मिलेगी। गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में बुलढाणा जिले के प्रस्तावित एमआईसीई प्रोजेक्ट, शिवसृष्टि तथा सिंदखेड राजा में विकसित की जाने वाली ‘जिजाऊ सृष्टि’ परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में राज्य के राहत एवं पुनर्वास मंत्री तथा बुलढाणा के पालक मंत्री मकरंद आबा पाटील, विधायक श्वेता महाले, विधायक मनोज कायंदे, महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल (एमटीडीसी) के प्रबंध निदेशक नीलेश गटणे, पर्यटन विभाग के उप सचिव विजय पोवार, सहायक निदेशक रवींद्र पवार सहित बुलढाणा के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में हातणी और वलती स्थित प्रस्तावित एमआईसीई परियोजना के लिए आवश्यक भूमि महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल को हस्तांतरित करने के निर्देश बुलढाणा जिला प्रशासन को दिए गए। साथ ही परियोजना का मास्टर प्लान, वास्तु डिज़ाइन, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) और लागत का अनुमान जल्द तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। परियोजना के लिए वित्तीय प्रावधान, निधि नियोजन और चरणबद्ध क्रियान्वयन की रूपरेखा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा सिंदखेड राजा में राजमाता जिजाऊ की जन्मस्थली के समग्र विकास के लिए प्रस्तावित ‘मातृतीर्थ जिजाऊ सृष्टि’ परियोजना पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि जन्मस्थल विकास योजना के तहत पहले ही संरक्षण और संवर्धन के कई कार्य पूरे किए जा चुके हैं। अब इस ऐतिहासिक स्थल को अधिक आकर्षक, शोधपरक और पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के उद्देश्य से ‘जिजाऊ सृष्टि’ परियोजना प्रस्तावित है। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया कि इस परियोजना का प्रस्ताव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद बुलढाणा के पालक मंत्री मकरंद आबा पाटील के समन्वय से पर्यटन विभाग परियोजना का विस्तृत नियोजन, वित्तीय प्रावधान और चरणबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा। बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि ‘जिजाऊ सृष्टि’ परियोजना के माध्यम से राजमाता जिजाऊ के प्रेरणादायी इतिहास, विरासत और सांस्कृतिक गौरव को आधुनिक तकनीक और आकर्षक प्रस्तुति के जरिए देश-विदेश के पर्यटकों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकेगा। इससे बुलढाणा और विदर्भ क्षेत्र धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेंगे।

