
मुंबई। मुंबई उपनगर जिला प्रशासन की ओर से शुरू की गई अभिनव ‘सक्षम कौशल जनगणना’ पहल की कॉफी टेबल बुक का विमोचन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं, बेरोजगारों, गृहिणियों और स्वरोजगार के इच्छुक लोगों के कौशल की पहचान कर उन्हें रोजगार, प्रशिक्षण और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशीष शेलार, सहपालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार सहित मंत्रिमंडल के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय और जिला कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता मार्गदर्शन केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से संचालित ‘सक्षम कौशल जनगणना’ को देश की पहली AI-सक्षम हाइपरलोकल कौशल जनगणना पहल बताया गया है। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर लोगों के कौशल, रोजगार की आवश्यकता और नियोक्ताओं की मांग का विस्तृत डेटा तैयार किया जा रहा है। इस अभियान में अब तक करीब 59,824 परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है और 44,982 उम्मीदवारों का पंजीकरण किया गया। इसके साथ 1,018 नियोक्ता और 52 प्रशिक्षण संस्थाएं भी इससे जुड़ी हैं। सर्वेक्षण में सामने आया कि करीब 98 प्रतिशत लोगों के पास औपचारिक कौशल प्रमाणपत्र नहीं है। इसे देखते हुए 32 हजार से अधिक उम्मीदवारों को व्यक्तिगत करियर मार्गदर्शन देने तथा 22 हजार से अधिक उम्मीदवारों को बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा 5,800 से अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक 1,690 से अधिक उम्मीदवारों से नियोक्ताओं ने इंटरव्यू और भर्ती के लिए सीधे संपर्क किया है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 4 हजार से अधिक इच्छुक उद्यमियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और व्यावसायिक सलाह देने की तैयारी है। वहीं 6 हजार से अधिक गृहिणियों, दिव्यांग व्यक्तियों और वंचित वर्गों को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल के अगले चरण में वार्ड स्तर पर साप्ताहिक रोजगार मेले, नियोक्ताओं की जरूरत के अनुसार अल्पकालीन और दीर्घकालीन कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता मार्गदर्शन तथा स्वरोजगार के इच्छुक उम्मीदवारों को पीएमईजीपी और मुद्रा जैसी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही मेंटर समूह और उद्यमिता इनक्यूबेशन केंद्रों के साथ भागीदारी, कौशल डेटाबेस को लगातार अपडेट करने, उम्मीदवारों को करियर मार्गदर्शन देने तथा सरकारी अप्रेंटिसशिप और रोजगार योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

