
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन और दिवंगत अजित पवार की जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र में 22 से 28 जुलाई 2026 तक आयोजित ‘महा आरोग्य शिविर’ को नागरिकों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला। अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे जनता तक पहुंचाया गया और करीब 95 हजार नागरिकों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। इनमें से 8,246 मरीजों को आगे की जांच और उपचार के लिए संबंधित अस्पतालों में रेफर किया गया। यह जानकारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने दी। बुधवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री मुश्रीफ ने बताया कि राज्य के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों, उनसे संबद्ध अस्पतालों के साथ शासकीय दंत चिकित्सा, आयुर्वेद और होम्योपैथी महाविद्यालयों में योजनाबद्ध तरीके से विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। राज्य के कुल 40 शासकीय मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में विभिन्न स्थानों पर एक साथ यह अभियान चलाया गया। प्रत्येक महाविद्यालय में विभागवार समितियां गठित कर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। अभियान में प्राध्यापकों, सहयोगी व सहायक प्राध्यापकों, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों, इंटर्न, नर्सों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों ने योगदान दिया। स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की।
रक्तदान से कैंसर जांच तक व्यापक अभियान
राज्यभर में आयोजित शिविरों में रक्तदान, स्तन कैंसर, गर्भाशय मुख कैंसर, बोन मिनरल डेंसिटी एवं हड्डियों की जांच, नेत्र जांच, मोतियाबिंद सर्जरी और मुख कैंसर जांच सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही नागरिकों को बीमारियों की रोकथाम और समय पर जांच के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। जांच के दौरान संदिग्ध अथवा बीमारी से प्रभावित पाए गए लोगों का अलग से पंजीकरण कर उन्हें आगे की जांच और उपचार के लिए संबंधित अस्पतालों में भेजा गया।
8,940 यूनिट रक्त संग्रह, हजारों नागरिकों की जांच
22 से 28 जुलाई के बीच शासकीय मेडिकल कॉलेजों में आयोजित रक्तदान शिविरों के माध्यम से 8,940 रक्तपिशवियों का संग्रह किया गया। अभियान के तहत 8,242 महिलाओं की स्तन कैंसर जांच, 4,634 की गर्भाशय मुख कैंसर जांच, 12,733 नागरिकों की बोन मिनरल डेंसिटी एवं अस्थिरोग जांच, 15,393 की नेत्र जांच और 9,607 नागरिकों की मुख कैंसर जांच की गई। विभिन्न जांचों के बाद 8,246 लाभार्थियों को आगे के उपचार के लिए रेफर किया गया। स्वास्थ्य जांच और जनजागरूकता कार्यक्रमों को मिलाकर अभियान का लाभ कुल 94,878 नागरिकों तक पहुंचा।
मुंबई से नागपुर तक सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिविर
मुंबई के जे.जे. और जी.टी. अस्पतालों सहित पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, कोल्हापुर, बारामती, नांदेड, अकोला, जलगांव, धुले, यवतमाल, चंद्रपुर, सोलापुर, गोंदिया, अंबाजोगाई, लातूर, सातारा, अलीबाग और नाशिक सहित विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेष जांच शिविर आयोजित किए गए।मुंबई, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और जलगांव के शासकीय दंत महाविद्यालयों तथा कागल स्थित शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय में मुख कैंसर जांच शिविर आयोजित किए गए।बारामती और कोल्हापुर के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में डॉ. मुफ्फजल लकड़ावाला के मार्गदर्शन में लैप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी, मोटापा जांच और विशेष परामर्श शिविर भी आयोजित किए गए।
समय पर जांच और उपचार पर सरकार का जोर
चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बीमारी होने के बाद उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि नागरिकों में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि समय पर निदान, तत्काल उपचार और जनजागरूकता की त्रिसूत्री के माध्यम से आम नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ऐसे स्वास्थ्य अभियानों को आगे भी प्राथमिकता दी जाएगी।





