
लंबित समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश, पात्र निवासियों को जल्द राहत देने पर जोर
मुंबई। मुंबई की पुरानी इमारतों, चॉलों और पुनर्विकास परियोजनाओं में रहने वाले नागरिकों की लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहिर ने संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्विकास प्रक्रिया में मूल निवासियों या स्थानीय संस्थाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होना चाहिए। मंगलवारकों विधान भवन में मुंबई इमारत मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मंडल के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद शंभरकर सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
95 साल पुराने ‘रामदास मंडल’ के पुनर्वास पर चर्चा
बैठक में कलशेटकर कंपाउंड स्थित 95 वर्ष पुराने ‘रामदास मंडल’ को पुनर्विकसित इमारत में उचित स्थान उपलब्ध कराने के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसके साथ ही हररवाला बिल्डिंग क्रमांक 18 और 19 के निवासियों को पुनर्विकास के दौरान दिए जाने वाले किराए से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। बैठक में यदुवंशी अहिर ग्वाल सकल पंच, कृष्ण छाया, खिमजी नानजी कोठारी चॉल, अयोध्या सोसायटी और वॉर्डन वकील चॉल के निवासियों की विभिन्न समस्याओं और शिकायतों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपसभापति सचिन अहिर ने अधिकारियों से कहा कि प्राप्त शिकायतों पर तत्काल और सकारात्मक कार्रवाई की जाए। पुनर्विकास के दौरान पात्र निवासियों के अधिकारों का ध्यान रखते हुए उन्हें जल्द से जल्द राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।





