
मुंबई। डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है, लेकिन मुंबई के घाटकोपर पूर्व स्थित परख हॉस्पिटल में सामने आए एक मामले ने चिकित्सा सेवा, मरीजों से वसूले जाने वाले शुल्क और रेफरल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खार पूर्व निवासी दयाराम भाटी का आरोप है कि एंजियोग्राफी के लिए तय ₹10 हजार की पूरी रकम जमा करने के बावजूद अंधेरी पूर्व, जेबी नगर स्थित कल्पना पॉलीक्लिनिक के डॉ.जयेश बियानी का फोन आने के बाद उनसे ₹2 हजार अतिरिक्त मांगे गए। अतिरिक्त रकम उपलब्ध नहीं होने पर एंजियोग्राफी नहीं की गई और पूरी तैयारी के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। घटना 28 जुलाई 2026 दोपहर की है। दयाराम भाटी को सीने में दर्द होने पर वे अंधेरी पूर्व स्थित कल्पना पॉलीक्लिनिक पहुंचे, जहां डॉ. जयेश बियानी ने जांच के बाद उन्हें एंजियोग्राफी कराने की सलाह देते हुए घाटकोपर पूर्व स्थित परख हॉस्पिटल भेजा। भाटी के मुताबिक, परख हॉस्पिटल पहुंचने पर उनकी एंजियोग्राफी ₹10 हजार में तय हुई। उन्होंने निर्धारित रकम अस्पताल में जमा कर दी, जिसके बाद जांच की तैयारी शुरू कर दी गई। उन्हें अस्पताल के एक केबिन में ले जाकर कपड़े बदलवाए गए और एंजियोग्राफी के लिए तैयार किया गया। आरोप है कि इसी दौरान डॉ. जयेश बियानी का परख हॉस्पिटल के डॉक्टर के पास फोन आया। फोन के बाद अचानक भाटी से पहले जमा ₹10 हजार के अतिरिक्त ₹2 हजार और जमा करने के लिए कहा गया। भाटी ने बताया कि एंजियोग्राफी ₹10 हजार में तय हुई थी और वह पूरी रकम पहले ही जमा कर चुके हैं। उस समय उनके पास अतिरिक्त ₹2 हजार नहीं थे। इसके बाद उनकी एंजियोग्राफी नहीं की गई और उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस घटनाक्रम ने सवाल खड़ा कर दिया है कि जब एंजियोग्राफी का शुल्क ₹10 हजार तय था, अस्पताल ने पूरी रकम स्वीकार कर ली थी और मरीज को प्रक्रिया के लिए तैयार भी कर दिया गया था, तो अचानक ₹2 हजार अतिरिक्त किस मद में मांगे गए? यदि कोई अतिरिक्त शुल्क था तो मरीज को इसकी जानकारी शुरुआत में ही क्यों नहीं दी गई? साथ ही डॉक्टर के फोन के बाद ही अतिरिक्त रकम की मांग सामने आने से रेफरल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दयाराम भाटी ने कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग और महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) में करेंगे। भाटी ने कहा- मेरी एंजियोग्राफी की पूरी तैयारी और तय रकम जमा होने के बावजूद अतिरिक्त ₹2 हजार नहीं होने पर जांच नहीं की गई। यदि मेरी तबीयत बिगड़ती है या मेरे साथ कोई गंभीर घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी परख हॉस्पिटल के डॉ. अनिल पोतदार और कल्पना पॉलीक्लिनिक के डॉ. जयेश बियानी की होगी। मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि भाटी किसी सामान्य जांच के लिए अस्पताल नहीं पहुंचे थे। सीने में दर्द की शिकायत के बाद डॉक्टर की सलाह पर उन्हें एंजियोग्राफी के लिए भेजा गया था। ऐसे में तय रकम जमा करने और जांच की तैयारी पूरी होने के बावजूद अतिरिक्त राशि नहीं होने पर एंजियोग्राफी न किए जाने का आरोप मरीज की सुरक्षा और चिकित्सा सेवा की संवेदनशीलता से जुड़ा मामला है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल इस मामले को संज्ञान लेते हैं या नहीं।

