
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। भूजल सप्ताह-2026 के समापन अवसर पर बुधवार को संगम सभागार, प्रयागराज में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता में भूजल गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद जल कलश भरकर भूजल पुनर्भरण का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। गोष्ठी में भूजल सप्ताह के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए भविष्य में भूजल संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर भूजल सप्ताह के अंतर्गत आयोजित चित्रकला, निबंध, क्विज एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सतत अभियान है। उन्होंने कहा कि जल का विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण समय की आवश्यकता है। यदि आज प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, शिक्षण संस्थानों और नागरिकों से भूजल संरक्षण के प्रति निरंतर जागरूक रहने तथा जल बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

