
मुंबई। महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने शुक्रवार को पूरे राज्य में बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए पाकिस्तान में रहने वाले गैंगस्टर शहजाद भट्टी से कथित तौर पर जुड़े 102 लोगों से पूछताछ की। भट्टी पर सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं को प्रभावित कर संगठित अपराध और देश-विरोधी गतिविधियों के लिए नेटवर्क तैयार करने का आरोप है। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुए इस राज्यव्यापी अभियान में महाराष्ट्र एटीएस की सभी 14 क्षेत्रीय यूनिटों की 58 टीमों ने एक साथ विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दायरे में आए लोग कथित तौर पर अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से शहजाद भट्टी या उससे जुड़े लोगों के संपर्क में आए थे। एटीएस की शुरुआती जांच और खुफिया जानकारी में सामने आया है कि भट्टी और उसके कथित सहयोगी आबिद जाट उर्फ आबिद छाल, अजमल गुर्जर, हम्माद मेमन, राणा हुनैन और अशरफ बशीर आलम एक संगठित ऑनलाइन नेटवर्क के माध्यम से भारत में अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ किए गए कई लोग भट्टी के सोशल मीडिया चैनलों के सक्रिय फॉलोअर थे और इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप तथा अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कथित सिंडिकेट के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क में थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि कुछ ऑनलाइन गेमिंग ऐप का इस्तेमाल भी लोगों से संपर्क स्थापित करने, उनका भरोसा जीतने और नेटवर्क के लिए संभावित लोगों की पहचान करने के लिए किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, भट्टी सोशल मीडिया पर धार्मिक राष्ट्रवाद, क्षेत्रीय विवादों और आलीशान जीवनशैली से जुड़ा कंटेंट प्रसारित कर प्रभाव, शक्ति और सफलता की एक विशेष डिजिटल छवि तैयार करता था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि इस तरह के कंटेंट के जरिए विशेष रूप से बेरोजगारी, आर्थिक परेशानियों या अन्य व्यक्तिगत समस्याओं का सामना कर रहे युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी। इसके बाद पैसे, सुरक्षा, जल्द आर्थिक लाभ और विदेशी संपर्क उपलब्ध कराने का प्रलोभन देकर धीरे-धीरे उनका भरोसा जीतने और नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया जाता था। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि गैंग कल्चर, हिंसा और आलीशान जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले सोशल मीडिया कंटेंट के माध्यम से लोगों को संगठित आपराधिक गतिविधियों के लिए प्रभावित और तैयार किया जा रहा था। जांच एजेंसियां जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, लक्षित हत्याओं और भारत में संभावित आतंकी गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर जांचकर्ताओं को संदेह है कि भट्टी एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट संचालित कर रहा है, जिसका उद्देश्य भारत के भीतर अपने नेटवर्क और स्थानीय सहयोगियों का विस्तार करना है। एटीएस ने विदेश में बैठे कथित हैंडलर्स के कमांड स्ट्रक्चर की पहचान करने का भी दावा किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर स्थानीय स्लीपर सेल तैयार करने और एजेंटों की भर्ती करने की कोशिश कर रहा था, ताकि संवेदनशील जानकारी जुटाने, मादक पदार्थों की तस्करी और हथियारों की अवैध आवाजाही जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके। इन जानकारियों के आधार पर ATS ने संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्कों की सत्यता का पता लगाने, डिजिटल साक्ष्यों की जांच करने और यह निर्धारित करने के लिए संयुक्त अभियान शुरू किया है कि क्या किसी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को अंजाम दिया गया है। महाराष्ट्र एटीएस ने जनता, विशेष रूप से युवाओं के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए सोशल मीडिया पर अनजान और संदिग्ध लोगों से बातचीत करने से बचने की अपील की है। अभिभावकों से भी अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने और उनके व्यवहार में अचानक बदलाव या किसी संदिग्ध ऑनलाइन संपर्क की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है।



