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नाशिक सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में ‘रिंग रोड’ परियोजना को मिलेगी गति, किसानों के मुद्दों को प्राथमिकता से हल करने के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

मुंबई। नाशिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का काम शुरू किया गया है। इसी के तहत नाशिक ‘रिंग रोड’ प्रस्तावित किया गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े किसानों के मुद्दों को प्राथमिकता से हल करते हुए ‘रिंग रोड’ का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधान भवन में आयोजित बैठक में नाशिक ‘रिंग रोड’ परियोजना और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण का मुआवजा देते समय संबंधित गांव में भूमि अधिग्रहण से पहले जिस क्षेत्र (जोन) की खरीद-बिक्री का दस्तावेज पंजीकृत हुआ हो, उस पूरे गांव के लिए उसी क्षेत्र के अनुसार भूमि अधिग्रहण की दर लागू की जाए। बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवाल, सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, विधायक देवयानी फरांदे, माणिकराव कोकाटे, सरोज अहिरे, राहुल ढिकले और डॉ. राहुल आहेर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नाशिक ‘रिंग रोड’ परियोजना को पूरा करने के लिए पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी लंबित मामलों का तत्काल समाधान किया जाए। जिन स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग और ‘रिंग रोड’ का प्रस्तावित मार्ग एक साथ आ रहा हो, वहां एक ही सड़क रखी जाए।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्वशासी संस्था के अनुसार गुणांक निर्धारित कर उसी आधार पर भूमि अधिग्रहण का मुआवजा दिया जाए। राज्य की नगर पंचायतों को ‘अर्बन बॉडी’ मानते हुए उसी के अनुसार गुणांक लागू किया जाए। ‘रिंग रोड’ के आसपास की जमीनों की खरीद-बिक्री से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है और जमीनों की खरीद-बिक्री से जुड़े इन मामलों की जांच की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिए कि ‘रिंग रोड’ के लिए भूमि अधिग्रहण करते समय यदि किसी बागायती जमीन को जिरायती मानकर कम दर से मुआवजा निर्धारित किया गया है, तो ऐसे मामलों में तत्काल बागायती जमीन की दर लागू की जाए और उसी के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। वर्तमान सड़कों का दर्जा बढ़ाने के साथ यदि उनकी चौड़ाई बढ़ाने के लिए अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया जाता है, तो संबंधित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे, अपर मुख्य सचिव (सार्वजनिक निर्माण) मिलिंद म्हैसकर, विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम, कुंभ मेला प्राधिकरण आयुक्त शेखर सिंह, महाराष्ट्र राज्य बुनियादी ढांचा विकास महामंडल के प्रबंध निदेशक ब्रिजेश दीक्षित, नाशिक महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के महानगर आयुक्त जलज शर्मा और नाशिक महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। नाशिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने परियोजना के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया।

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