
अवैध हॉकर्स, नो-पार्किंग, ट्रेसपासिंग और दिव्यांग कोच में अनधिकृत यात्रा करने वालों पर सख्ती
नई व्यवस्था के तहत सीधे एक्श
मुंबई। ‘जन विश्वास अधिनियम, 2026’ के तहत रेलवे से जुड़े विभिन्न मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया में बदलाव के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ़) अब संबंधित मामलों में सीधे कार्रवाई कर रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद बांद्रा टर्मिनस आरपीएफ़ ने 24 जून 2026 से अब तक कुल 74 मामले दर्ज किए हैं। रेलवे अधिनियम की धारा 144, 167, 147, 151 और 159 के तहत पहले संबंधित मामलों में न्यायालय के माध्यम से कार्रवाई की जाती थी। इनमें रेलवे परिसर में अवैध रूप से सामान बेचने वाले हॉकर्स, नो-पार्किंग, दिव्यांग कोच में अनधिकृत यात्रा, अवैध रूप से सामान ले जाने और रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश (ट्रेसपासिंग) जैसे मामले शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत अब ऐसे मामलों में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा सीधे कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पहले की तुलना में जुर्माने की राशि भी बढ़ा दी गई है। इस बदलाव का उद्देश्य छोटे अपराधों और रेलवे नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा करने के साथ ही रेलवे परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। बांद्रा टर्मिनस के आईपीएफ जगदीश प्रसाद जाट के नेतृत्व में आरपीएफ़ द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में लगातार कार्रवाई की जा रही है। रेलवे परिसर में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई को और तेज किया गया है। आरपीएफ़ की लगातार कार्रवाई के चलते बांद्रा टर्मिनस और आसपास के रेलवे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयास तेज हुए हैं। रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा और रेलवे परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।
तार कार्रवाई के चलते बांद्रा टर्मिनस और आसपास के रेलवे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयास तेज हुए हैं। रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा और रेलवे परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।



