
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इचलकरंजी शहर और आसपास के क्षेत्रों की दीर्घकालिक एवं शाश्वत पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है। जल भंडारण क्षमता बढ़ाने सहित विभिन्न विकल्पों का अध्ययन किया जा रहा है और इस संबंध में जल्द ही महत्वपूर्ण निर्णय घोषित किया जाएगा। गुरुवार को मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में उनके सरकारी निवास ‘वर्षा’ पर इचलकरंजी शहर की जलापूर्ति समस्या को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद धैर्यशील माने, विधायक राहुल आवाडे, इचलकरंजी के महापौर और उपमहापौर के साथ जलसंपदा विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवले तथा महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान सांसद धैर्यशील माने और विधायक राहुल आवाडे ने इचलकरंजी शहर की बढ़ती जल आवश्यकताओं, कृष्णा नदी पर उपलब्ध जल संसाधनों तथा तालुका के विभिन्न गांवों की पेयजल जरूरतों को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कृष्णा नदी तीन राज्यों को जल उपलब्ध कराने वाली एक महत्वपूर्ण नदी है। इसलिए किसी भी राज्य के हितों को प्रभावित किए बिना संबंधित क्षेत्र को आवश्यक मात्रा में पानी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इचलकरंजी के लिए स्थायी जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के सभी संभावित विकल्पों का तकनीकी अध्ययन किया जाए। अध्ययन पूर्ण होने के बाद तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं की समीक्षा कर राज्य सरकार अंतिम निर्णय घोषित करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर दीर्घकालिक ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने की संभावना पर भी विचार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्थानीय स्वशासी संस्थाओं को कर वसूली अधिक प्रभावी बनाने और निर्माण क्षेत्र से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित उपायों के माध्यम से इचलकरंजी और आसपास के क्षेत्रों की जल समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकेगा, जिससे भविष्य की बढ़ती आबादी और औद्योगिक आवश्यकताओं को भी पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सकेगा।



