
मुंबई। पुणे और शिर्डी के बीच यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से बुधवार को नई पुणे–साईनगर शिर्डी एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई स्थित अपने सरकारी निवास ‘वर्षा’ से ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया, जबकि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुणे रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति राम शिंदे, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ, पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे तथा विधायक विवेक कोल्हे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पुणे रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए हडपसर, शिवाजीनगर, खड़की, उरुली और आळंदी क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाएं शुरू की गई हैं। पुणे जंक्शन के आधुनिकीकरण, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म निर्माण, आकुर्डी में मेगा कोचिंग टर्मिनल और आधुनिक डिजिटल सिग्नलिंग व्यवस्था के माध्यम से अगले तीन से साढ़े तीन वर्षों में पुणे रेल मंडल की क्षमता दोगुनी हो जाएगी, जिससे लगभग 20 अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन संभव होगा। उन्होंने बताया कि मुंबई–पुणे तीसरी और चौथी रेल लाइन तथा भविष्य की मुंबई–पुणे और पुणे–हैदराबाद बुलेट ट्रेन परियोजनाएं महाराष्ट्र की आर्थिक प्रगति को नई गति देंगी। राज्य के लिए रेल बजट में लगभग 23,900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा 129 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य जारी है, जिनमें से 93 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है। नई पुणे–साईनगर शिर्डी एक्सप्रेस से पुणे और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को साईनगर शिर्डी तक पहुंचने के लिए एक सुविधाजनक और किफायती यात्रा विकल्प मिलेगा। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, परिवारों और समूहों में यात्रा करने वाले भक्तों को इसका लाभ होगा। इसके साथ ही अहिल्यानगर और शिर्डी क्षेत्र के लोगों के लिए पुणे की उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। इस रेल सेवा से शिर्डी के होटल व्यवसाय, परिवहन सेवाओं और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस एक्सप्रेस ट्रेन को दौंड कॉर्ड केबिन, श्रीगोंदा, अहिल्यानगर, राहुरी और बेलापुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। इससे विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और शोधकर्ताओं को यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ से जुड़े छात्रों और शोधकर्ताओं को इसका लाभ मिलेगा, जबकि बेलापुर स्टेशन के माध्यम से शनि शिंगणापुर क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलने की संभावना है।



