HomeMaharashtraपं. नीलकंठ अभ्यंकर जन्मशती वर्ष पर ‘गुणसागर निर्गुणी’ संगीत कार्यक्रम का आयोजन

पं. नीलकंठ अभ्यंकर जन्मशती वर्ष पर ‘गुणसागर निर्गुणी’ संगीत कार्यक्रम का आयोजन

मुंबई। महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्य संचालनालय की ओर से वरिष्ठ संगीतकार पंडित नीलकंठ अभ्यंकर की जन्मशती के अवसर पर विशेष सांगीतिक कार्यक्रम ‘गुणसागर निर्गुणी – अमूल्य संगीत रचनाओं का जागरण’ आयोजित किया जा रहा है। 32 प्रतिभाशाली गायक-गायिकाओं और लोकप्रिय कलाकारों की प्रस्तुति से सुसज्जित यह कार्यक्रम 17 जून 2026, बुधवार को शाम 6 बजे प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर में आयोजित होगा। पंडित नीलकंठ अभ्यंकर ने अपनी उत्कृष्ट संगीत रचनाओं, गहन सांगीतिक चिंतन और शास्त्रीय संगीत के प्रति समर्पण के माध्यम से भारतीय संगीत जगत में विशिष्ट पहचान बनाई थी। उनकी रचनाओं में भावपूर्ण सुर, आध्यात्मिकता और कलात्मक समृद्धि का अनूठा संगम देखने को मिलता है, जो आज भी संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करता है। जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम उनके अमूल्य संगीत योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। कार्यक्रम की संकल्पना और निर्देशन डॉ. वर्षा भावे ने किया है, जबकि संगीत संयोजन की जिम्मेदारी कमलेश भडकमकर ने संभाली है। इस विशेष प्रस्तुति में 32 प्रतिभाशाली गायक, गायिकाएं और कलाकार पंडित अभ्यंकर की चयनित एवं कालजयी रचनाओं को अपने सुरों के माध्यम से नए अंदाज में प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम में वाद्य संगत के लिए अर्चिस लेले, निषाद करगीलकर, हनुमंत रावडे, अमोघ दांडेकर, भरत भडकमकर, दर्शना जोग, दीप वझे, प्रणव हरिदास और कमलेश भडकमकर जैसे प्रतिष्ठित वादक सहभागी होंगे, जिनकी प्रस्तुति कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बनाएगी। महाराष्ट्र की समृद्ध संगीत परंपरा के संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार की संकल्पना तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है। सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के निदेशक श्रीराम पांडे ने संगीत प्रेमियों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पंडित नीलकंठ अभ्यंकर की अमूल्य संगीत रचनाओं का रसास्वादन करने की अपील की है।

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