
मुंबई। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) ने राज्यभर में अत्याधुनिक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। शुक्रवार को मुंबई के परेल बस डिपो में आयोजित कार्यक्रम में परिवहन मंत्री तथा एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सरनाईक ने कहा कि एसटी केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के जनजीवन का अभिन्न हिस्सा है। प्रतिदिन लाखों यात्री एसटी की सेवाओं का उपयोग करते हैं, इसलिए उन्हें स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना महामंडल की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस राज्यव्यापी अभियान के तहत बस स्टैंड, एसटी बसें, चालक-परिचालक विश्रामगृह और शौचालयों को अधिक स्वच्छ, सुंदर और यात्री-अनुकूल बनाया जाएगा। अभियान के अंतर्गत राज्यभर के प्रमुख बस स्टैंडों और उनके परिसरों की सफाई अंतरराष्ट्रीय स्तर के आधुनिक उपकरणों की सहायता से नियमित रूप से की जाएगी। साथ ही एसटी बसों, विश्रामगृहों और शौचालयों की प्रत्येक चार घंटे में सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण पर विशेष जोर
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी बस स्टैंडों पर सफाई के दौरान एकत्र होने वाली प्लास्टिक की बोतलों और थैलियों को अलग से संकलित कर पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के लिए भेजा जाएगा। इनसे विभिन्न उपयोगी और टिकाऊ उत्पाद तैयार किए जाएंगे। सरनाईक ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से इसकी नियमित निगरानी की जाएगी तथा यात्रियों से प्राप्त सुझावों और शिकायतों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
ई-बसों के लिए चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार
कार्यक्रम के दौरान परेल डिपो में नौ नए ई-बस चार्जिंग केंद्रों के निर्माण का भूमिपूजन भी किया गया। परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्रीदेवेन्द्र फडणवीस के आह्वान के अनुरूप एसटी महामंडल ने राज्य के सभी 251 डिपो में ई-बस चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क विकसित करने का संकल्प लिया है। कार्यक्रम के बाद मंत्री ने परेल बस स्टैंड, यात्री प्रतीक्षालय, शौचालयों और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। इस पहल को राज्य में स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



