
सीतापुर, उत्तर प्रदेश। महाराष्ट्र रत्न सम्मानित समाजसेवी अशोक कुमार श्रीवास्तव द्वारा माता-पिता एवं वृद्धजनों के सम्मान और सेवा को समर्पित जन-जागरण अभियान के तहत ग्राम लंघनिया नसीरपुर, बिसवां (सीतापुर) में “वृद्ध सेवा नव युवा जन जागृति कार्यक्रम” का प्रेरणादायी आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति के वैदिक संदेश “मातृ देवो भवः, पितृ देवो भवः” को जन-जन तक पहुंचाना तथा युवाओं और बच्चों में माता-पिता एवं वृद्धजनों के प्रति सम्मान और सेवा की भावना विकसित करना था।इस अवसर पर गांव के सम्मानित वृद्ध महिला एवं पुरुषों का चरण प्रक्षालन, माल्यार्पण एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक माता-पिता तथा बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक चेतना का वातावरण देखने को मिला।अपने संबोधन में अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती व्यस्तताओं के कारण पारिवारिक संस्कारों में कमी आती जा रही है तथा वृद्ध माता-पिता की उपेक्षा समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल आदर्शों को पुनर्जीवित करना समय की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि माता-पिता केवल जन्मदाता ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रथम गुरु और प्रत्यक्ष देवता हैं। उनके सम्मान और सेवा से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने परिवार और समाज में बुजुर्गों के सम्मान की परंपरा को मजबूत करें और भारतीय संस्कृति के इन महान मूल्यों को आगे बढ़ाएं।कार्यक्रम में ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही, जिन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।



