HomeMaharashtra30 मई से नौवां आमरण अनशन करेंगे मनोज जरांगे, बोले- “या तो...

30 मई से नौवां आमरण अनशन करेंगे मनोज जरांगे, बोले- “या तो सरकार टूटेगी या मेरा शरीर”

जालना। मनोज जरांगे ने मराठा आरक्षण और समाज की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ एक बार फिर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने घोषणा की कि वे 30 मई से आमरण अनशन पर बैठेंगे। यह उनका नौवां आमरण अनशन होगा। मनोज जरांगे ने कहा कि जब तक मराठा समाज की मांगों को पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक वे भूखे-प्यासे अनशन जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार को 28 मई तक का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के चलते आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। जरांगे ने कहा कि वे भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे चारपाई डालकर अनशन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे न पानी पिएंगे, न भोजन करेंगे, न पैरों में चप्पल पहनेंगे और न ही पंखा या किसी अन्य सुविधा का उपयोग करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें हीट स्ट्रोक या स्वास्थ्य संबंधी कोई गंभीर समस्या होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और देवेंद्र फडणवीस की होगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद से अधिक समय दिया गया, लेकिन मराठा समाज को न्याय नहीं मिला। जरांगे के अनुसार यदि सरकार वास्तव में मराठा समाज की चिंता करती, तो अब तक आरक्षण का फैसला हो चुका होता। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि बड़ी संख्या में अंतरवाली सराटी पहुंचने की आवश्यकता नहीं है, आंदोलन शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक रहेगा। उन्होंने कहा, “हमें केवल चर्चाएं नहीं, बल्कि सभी मांगों का पूर्ण अमल चाहिए। या तो सरकार टूटेगी या फिर मेरा शरीर।” मनोज जरांगे ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सातारा, कोल्हापुर, औंध और पुणे संस्थान के गजेटियर पर जीआर जारी करना, हैदराबाद गजेटियर के आधार पर कुणबी प्रमाणपत्र वितरित करना, 58 लाख कुणबी नोंदियों को प्रमाणपत्र देना तथा मराठा आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने सारथी और महामंडल की बंद योजनाएं दोबारा शुरू करने, लंबित छात्रवृत्ति राशि जारी करने, आंदोलन में जान गंवाने वाले परिवारों को महावितरण और एमआईडीसी में नौकरी देने, शिंदे समिति को एक वर्ष का विस्तार देने और मराठा-कुणबी समाज के लिए अलग मंत्रालय स्थापित करने की भी मांग की है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments