
मुंबई। राज्य में सरकारी सेवाओं को अधिक सरल, तेज और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से गवर्नमेंट प्रोसेस रिइंजीनियरिंग (जीपीआर) प्रक्रिया लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए कि सरकारी सेवाओं और योजनाओं में मौजूद अनावश्यक चरणों, दस्तावेजों और प्रक्रियाओं को कम करने के लिए सभी विभाग अपनी सेवाओं की समीक्षा कर उन्हें जीपीआर प्रक्रिया के दायरे में लाएं। सोमवार को सह्याद्री अतिथिगृह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित गव्हर्नन्स प्रोसेस रिइंजीनियरिंग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्र, प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी, गेट्स फाउंडेशन की अर्चना व्यास और अर्णव कपूर, समग्र के गौरव गोयल, पब्लिक ऐप के जॉय बांदेकर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने केवल सेवाओं की संख्या बढ़ाने के बजाय उनकी गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया है। अब तक 1222 सेवाओं की समीक्षा कर नागरिकों के लिए उपयोगी 723 सेवाएं तैयार की गई हैं। अगले चरण में पूर्ण इंटीग्रेशन के बाद कई सेवाओं को एकीकृत कर यह संख्या और कम की जाएगी। इसके तहत ‘आपले सरकार 2.0’ के माध्यम से नागरिकों को अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आपले सरकार 2.0’ के अंतर्गत सेवाओं को अधिक सरल और सुगम बनाने की प्रक्रिया 14 अगस्त 2026 तक पूरी कर ली जाएगी और 15 अगस्त 2026 से नागरिकों को इसका नया अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से सरकारी प्रक्रियाओं में लगातार नए चरण जुड़ते जाने से कई अनावश्यक प्रक्रियाएं बन गई हैं। जीपीआर के माध्यम से इन प्रक्रियाओं का पुनर्गठन कर प्रशासनिक कामकाज को सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है। स्वयं प्रमाणन (Self Certification) व्यवस्था लागू होने के बाद अनावश्यक प्रमाणपत्रों और सत्यापन प्रक्रियाओं में कमी आई है, जिससे नागरिकों का समय बचा और जवाबदेही भी सीधे संबंधित व्यक्ति पर आई है।मुख्यमंत्री फडणवीस ने विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे स्वयं प्रक्रिया सुधार कार्यों की निगरानी करें, आवश्यकतानुसार चरण कम करें और सेवाओं को तेज बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘आपले सरकार 2.0’ का सर्विस मॉड्यूल पूरी तरह लागू होने के बाद नागरिकों का शासन के प्रति नजरिया बदलेगा। उन्होंने राजस्व विभाग द्वारा सेवाओं के सरलीकरण में किए गए कार्यों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि नागरिकों से सीधे जुड़े विभाग में बदलाव का अर्थ शासन व्यवस्था के बड़े हिस्से में परिवर्तन लाना है। उन्होंने स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की सेवा वितरण प्रणाली को भी मजबूत और एकरूप बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पब्लिक एप जैसे हाइपर-लोकल डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सरकार के सकारात्मक कार्यों की जानकारी प्रभावी ढंग से नागरिकों तक पहुंचाई जानी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक विभाग को स्वतंत्र रणनीति तैयार करनी होगी। बैठक में समग्र की ओर से गव्हर्नमेंट प्रोसेस रिइंजीनियरिंग के पहले चरण और दूसरे चरण के कार्यों की प्रस्तुति दी गई, जबकि पब्लिक एप के जॉय बांदेकर ने सरकारी कार्यों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को लेकर जानकारी प्रस्तुत की।




