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ठाणे रेलवे स्टेशन के विकास कार्यों को मिलेगा रफ्तार, सांसद नरेश म्हस्के और डीआरएम किरण नाकती ने किया संयुक्त निरीक्षण

ठाणे। ठाणे रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से लंबित विकास कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं को लेकर बुधवार, 20 मई को ठाणे लोकसभा सांसद नरेश म्हस्के और मध्य रेलवे के डीआरएम किरण नाकती ने संयुक्त निरीक्षण दौरा किया। इस दौरान स्टेशन परिसर में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई और अधिकारियों को सभी लंबित कार्य तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान नए सार्वजनिक शौचालयों और एस्केलेटर निर्माण, प्लेटफॉर्म पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था, मेडिकल यूनिट को शुरू करने, मानसून पूर्व कार्यों को समय पर पूरा करने तथा दीघा डिवीजन के इल्थानपाड़ा स्थित रेलवे स्वामित्व वाले ‘मोगली बांध’ को नवी मुंबई नगर निगम को हस्तांतरित करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। डीआरएम किरण नाकती ने वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रियों को हो रही असुविधा को देखते हुए सभी परियोजनाओं में तेजी लाई जाए। सांसद नरेश म्हस्के ने ठाणे पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाले माइक्रो-टनल कार्य के पूरा होने पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि इससे मानसून के दौरान रेलवे ट्रैक पर होने वाले जलभराव की समस्या काफी हद तक खत्म होगी। साथ ही मुलुंड की ओर फुट ओवरब्रिज (FOB) के निर्माण को मंजूरी मिलने पर भी खुशी जाहिर की। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ठाणे पूर्व में सतीस पुल के पार जल्द ही टीएमसी बस सेवा शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे स्टेशन के व्यापक निरीक्षण के बाद स्टेशन मास्टर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें रेलवे प्रशासन, ठाणे नगर निगम, यात्री संघों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में ठाणे स्टेशन पर डी-मार्ट के सीएसआर फंड से बनाए जा रहे सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण में हो रही देरी पर सांसद नरेश म्हस्के ने नाराजगी व्यक्त की और इसे तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए। प्लेटफॉर्म 5 और 6 पर एस्केलेटर लगाने की धीमी रफ्तार पर भी सवाल उठाए गए। मानसून को देखते हुए सांसद ने ड्रेनेज सफाई और जल निकासी व्यवस्था को समय से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश में स्टेशन परिसर में जलभराव की समस्या न हो। चूंकि ठाणे स्टेशन पर जल्द ही 15-कोच लोकल ट्रेनें शुरू होने वाली हैं, इसलिए प्लेटफॉर्म विस्तार कार्य को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। बैठक में नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में पानी की कमी को देखते हुए रेलवे प्रशासन के नियंत्रण वाले ‘मोगली बांध’ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बताया गया कि बांध फिलहाल जर्जर हालत में है और रेलवे इसका उपयोग नहीं कर रहा। सुझाव दिया गया कि यदि इसे नवी मुंबई नगर निगम को सौंप दिया जाए, तो जल संकट काफी हद तक कम हो सकता है। इसी संबंध में नवी मुंबई की पार्षद चांदनी विजय चौगुले, एडवोकेट श्वेता काले और गौरी आंग्रे ने डीआरएम को लिखित ज्ञापन भी सौंपा। इसके अलावा, रेलवे प्रशासन द्वारा ‘बी केबिन’ क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों को दिए गए बेदखली नोटिस पर भी चर्चा हुई। बैठक में ऐसा समाधान निकालने पर जोर दिया गया, जिससे स्थानीय निवासियों को बेघर होने से बचाया जा सके। मीडिया से बातचीत में सांसद नरेश म्हस्के ने कहा कि रेलवे प्रशासन के साथ हुई सकारात्मक चर्चा के बाद विकास कार्यों को गति मिलेगी और यात्रियों की यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। वहीं डीआरएम किरण नाकती ने कहा कि ठाणे रेलवे स्टेशन पर कई विकास परियोजनाएं एक साथ चल रही हैं और प्रशासन का प्रयास है कि यात्रियों को न्यूनतम असुविधा के साथ इन्हें जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि मानसून पूर्व सभी जरूरी कार्य समय पर पूरे किए जाएंगे और रेलवे परिचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए चरणबद्ध तरीके से सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा विधान परिषद सदस्य माधवी नाइक, शिवसेना ठाणे शहर प्रमुख हेमंत पवार, वरिष्ठ भाजपा नेता संजय वाघुले, पूर्व नगरसेवक भास्कर पाटिल सहित कई जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारी और स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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