Sunday, May 17, 2026
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गोरेगांव में झोपड़पट्टीवासियों के लिए विशेष समस्या समाधान शिविर आयोजित, 500 से अधिक लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान

मुंबई। झोपड़पट्टी पुनर्वासन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृहन्मुंबई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ महेन्द्र कल्याणकर के मार्गदर्शन तथा मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद रविन्द्र वायकर के सहयोग से रविवार को गोरेगांव पूर्व स्थित आरे कॉलोनी में झोपड़पट्टीवासियों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया। महाराष्ट्र सरकार की “शासन आपके द्वार” अवधारणा को साकार करते हुए आयोजित इस विशेष शिविर में झोपड़पट्टीवासियों की विभिन्न समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की गई। प्रशासन स्वयं नागरिकों के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतें सुनता नजर आया, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों में संतोष और उम्मीद का माहौल देखने को मिला। सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस शिविर में स्लम पुनर्वसन प्राधिकरण के सक्षम अधिकारी, अभियंता, सहकार विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पात्रता, लंबित किराया, मकानों का आवंटन, इंजीनियरिंग विभाग से जुड़ी समस्याएं तथा वर्षों से अटकी पुनर्विकास योजनाओं को लेकर नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष शिकायतें रखीं।कई मामलों में अधिकारियों ने मौके पर ही दस्तावेजों की जांच कर त्वरित कार्रवाई की और समस्याओं का समाधान किया। वहीं जटिल मामलों में जल्द सुनवाई और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। सांसद रविन्द्र वायकर ने शिविर में उपस्थित रहकर नागरिकों से सीधे संवाद किया। जिन लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ अथवा जिन मामलों में कार्रवाई शुरू की गई, उनका उन्होंने सम्मान भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर भारतीय को अपना घर देने का संकल्प तभी पूरा होगा जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के झोपड़पट्टीवासियों को उनके ही इलाके में गुणवत्तापूर्ण आवास मिलना चाहिए।इस शिविर में अंधेरी पूर्व-पश्चिम, जोगेश्वरी पूर्व-पश्चिम, वर्सोवा, गोरेगांव पूर्व-पश्चिम और दिंडोशी क्षेत्र की 60 से अधिक सोसायटियों के लगभग 500 से अधिक झोपड़पट्टीवासी शामिल हुए। लोगों ने वर्षों से लंबित पात्रता, रुका हुआ किराया, मकानों का आवंटन, बिल्डरों की देरी और अन्य प्रशासनिक समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।कई नागरिकों ने बताया कि वे वर्षों से कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा था। हालांकि इस शिविर में अधिकारियों को सीधे नागरिकों के बीच आकर उनकी बातें सुनते देखकर लोगों में पहली बार यह विश्वास पैदा हुआ कि प्रशासन वास्तव में उनकी मदद के लिए आगे आया है। शिविर के दौरान कई मामलों में अधिकारियों ने संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश देकर समस्याओं का समाधान किया, जबकि लंबित मामलों पर शीघ्र सुनवाई का भरोसा दिया। इससे झोपड़पट्टीवासियों में यह विश्वास मजबूत हुआ कि अब उनके मुद्दों का वास्तविक समाधान होगा। इस अवसर पर डॉ महेन्द्र कल्याणकर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को उसका अधिकारपूर्ण घर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि झोपड़पट्टी मुक्त मुंबई और गरीब परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऐसे समस्या समाधान शिविर आगे भी विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे बिना किसी डर के अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखें और आवश्यक दस्तावेज संबंधित विभागों को सौंपें। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि झोपड़पट्टीवासियों को जल्द से जल्द घर उपलब्ध कराने और रुकी हुई योजनाओं को गति देने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत रहेगा।

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