
मुंबई। मुंबई में शुक्रवार को उस समय भारी ट्रैफिक जाम और सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली, जब कोंकण क्षेत्र के सैकड़ों आम और काजू किसानों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास ‘वर्षा बंगले’ की ओर मार्च करने का प्रयास किया। किसानों की इस रैली को रोकने के लिए पुलिस ने दक्षिण मुंबई के कई हिस्सों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी।
मरीन ड्राइव से चर्नी रोड तक सुरक्षा घेरा
प्रदर्शन को देखते हुए मरीन ड्राइव के उत्तरी हिस्से में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से लेकर चर्नी रोड रेलवे स्टेशन तक कई चेकपॉइंट बनाए गए और बैरिकेडिंग की गई। पुलिस वैन, सुरक्षा कर्मियों और बैरिकेड्स के कारण मुख्य मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा, जबकि अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। एहतियातन पुलिस ने गिरगांव चौपाटी को पूरी तरह खाली करा दिया और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारी कई स्थानों पर खुद मौजूद रहे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
किसानों की क्या थी मांग?
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि कोंकण क्षेत्र में बेमौसम बारिश के कारण आम और काजू की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सरकार द्वारा घोषित 22 हजार रुपये की राहत राशि को किसानों ने अपर्याप्त बताया और अधिक मुआवज़े की मांग की। किसानों की योजना गिरगांव चौपाटी से वर्षा बंगले तक मार्च निकालकर अपनी मांगें सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की थी। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया। इनमें किसान नेता राजू शेट्टी, हर्षवर्धन सपकाल, जयंत पाटिल और विनायक राउत शामिल रहे।
आज़ाद मैदान में प्रदर्शन की सलाह
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आज़ाद मैदान में प्रदर्शन करने की सलाह दी थी, लेकिन किसान वर्षा बंगले की ओर मार्च करने पर अड़े रहे। इस दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली। पूरे दिन दक्षिण मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर रही।




