Friday, May 15, 2026
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मध्य रेल आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई: 1367 दलाल गिरफ्तार, ₹43.67 लाख की प्रतिबंधित सामग्री जब्त

यात्रियों का ₹3.09 करोड़ का खोया सामान लौटाया, “ऑपरेशन उपलब्ध”, “नारकोस”, “सतर्क” और “अमानत” के तहत कार्रवाई

मुंबई। मध्य रेल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में यात्री सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और यात्रियों की संपत्ति की सुरक्षा को लेकर व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। “ऑपरेशन उपलब्ध”, “ऑपरेशन नारकोस”, “ऑपरेशन सतर्क” और “ऑपरेशन अमानत” के तहत चलाए गए विशेष अभियानों में आरपीएफ ने 1367 दलालों (टाउट्स) को गिरफ्तार किया, ₹43.67 लाख मूल्य की प्रतिबंधित सामग्री जब्त की तथा यात्रियों का ₹3.09 करोड़ मूल्य का खोया सामान वापस लौटाया। मध्य रेलवे के मुख्य जनसपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए बताया कि आरपीएफ द्वारा आरक्षित कोचों में अनधिकृत प्रवेश, तौलिया फैलाकर सीट कब्जाने और वास्तविक यात्रियों को परेशान करने वालों के खिलाफ “ऑपरेशन उपलब्ध” चलाया गया। जनवरी से अप्रैल 2026 के दौरान मध्य रेल के सभी मंडलों में कुल 1377 मामले दर्ज किए गए और 1367 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के दौरान ₹2.87 लाख का जुर्माना भी वसूला गया। सबसे अधिक कार्रवाई मुंबई मंडल में हुई, जहां 998 मामले दर्ज कर 986 लोगों को पकड़ा गया। इसके साथ ही “ऑपरेशन नारकोस” के तहत रेलवे नेटवर्क के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाया गया। इस दौरान गांजा तस्करी के 13 मामले पकड़े गए और ₹21.92 लाख मूल्य का गांजा जब्त किया गया। इन मामलों में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नागपुर मंडल में सबसे अधिक 9 मामले सामने आए। “ऑपरेशन सतर्क” के तहत आरपीएफ ने प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों और अवैध शराब के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई की। चार मामलों में 16,286 किलोग्राम तंबाकू उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी कीमत ₹5.61 लाख बताई गई है। वहीं अवैध शराब के 28 मामलों में 9.45 लाख मिलीलीटर शराब बरामद की गई, जिसकी कीमत ₹16.14 लाख है। इन मामलों में कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यात्रियों की सुविधा और विश्वास बनाए रखने के लिए “ऑपरेशन अमानत” के अंतर्गत आरपीएफ ने खोए हुए सामान की बरामदगी और उसे वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने का अभियान भी चलाया। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच कुल 744 सामान बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹3.09 करोड़ है। आवश्यक सत्यापन के बाद यह सामान यात्रियों को वापस सौंप दिया गया। मुंबई मंडल में सबसे अधिक ₹1.11 करोड़ मूल्य का सामान लौटाया गया। डॉ. स्वप्नील निला ने कहा कि रेलवे परिसर और ट्रेनों का उपयोग किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। डॉ. निला ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल वैध टिकट के साथ यात्रा करें, अनधिकृत एजेंटों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस सामान की सूचना तुरंत आरपीएफ, जीआरपी, ड्यूटी पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों या रेलवे हेल्पलाइन १३९ पर दें।

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