
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। जनपद में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने “जन-संवाद से समाधान” नामक अभिनव पहल शुरू की है। इस पहल के तहत जिलाधिकारी स्वयं कलेक्ट्रेट कार्यालय में बैठकर जनता दर्शन के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले फरियादियों की शिकायतें सुन रहे हैं और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दे रहे हैं।इस नई व्यवस्था के अंतर्गत जिलाधिकारी अपने कार्यालय से ही लैपटॉप और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उप जिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों से सीधे संवाद करते हैं। शिकायतकर्ता की उपस्थिति में संबंधित अधिकारियों को फोन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं तथा फरियादी को मौके पर भेजकर समस्याओं का पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित कराया जाता है।जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने कहा कि “जन-संवाद से समाधान” कार्यक्रम के जरिए प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है। इससे समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज होगी और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक रूप से तहसील और विकासखंडों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद मात्र 15 कार्यालय दिवसों में कुल 594 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 387 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें राजस्व, पुलिस, विकास, पेंशन समेत विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें शामिल हैं। सर्वाधिक शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी रहीं, जिनमें अवैध कब्जा, पैमाइश, अतिक्रमण और चकरोड विवाद प्रमुख रहे।जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित शिकायतों का भी समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।आज आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमिताभ यादव सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।




