
श्रमिकों और ट्रक मालिकों ने मिलाया हाथ, ठेकेदारों का विश्वास जीतने का लिया सामूहिक संकल्प
सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर, छत्तीसगढ़। उसलापुर गुड्स शेड वेलफेयर ट्रक ओनर एसोसिएशन के बैनर तले उसलापुर रेलवे साइडिंग में आज उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। वर्षों से ठप पड़ी गतिविधियों के बाद लोडिंग-अनलोडिंग कार्य के लिए श्रमिकों की हाजिरी शुरू हुई, जिससे रोजगार और व्यापार की नई उम्मीद जगी है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रमिकों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे मेहनत, ईमानदारी और अनुशासन के बल पर उसलापुर साइडिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। श्रमिकों ने कहा कि ट्रक मालिकों के साथ मिलकर वे ऐसा कार्य वातावरण बनाएंगे जिससे ठेकेदारों का विश्वास मजबूत हो और कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि अब साइडिंग में श्रमिक, ट्रक मालिक और ठेकेदार मिलकर पारदर्शी एवं अनुशासित व्यवस्था विकसित करेंगे। पुराने मतभेदों को खत्म कर रोजगार और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। हाजिरी से लेकर माल लदान तक सभी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान “उसलापुर साइडिंग— हमारी पहचान, हमारा सम्मान” का नारा भी गूंजा। पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में उसलापुर साइडिंग बेहतर श्रमिक प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था का उदाहरण बनेगी। इससे रेलवे को राजस्व, ट्रक मालिकों को व्यापार और श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर लेबर अध्यक्ष राजेश टंडन, ईश्वर सिंह चंदेल, राशिद अली, राजू बाली, जीत सिंह, राजू नाज, डब्बू दोमीर, शमीम अली, राजू खान, धीरज यादव, फौजी सेठ, फरीद भाई, गुरजीत सिंह, डब्यू राणा, मंजीत सिंह और हरजिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रमिक व ट्रक मालिक उपस्थित रहे।




