
मुंबई। फिल्मी गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर पिछले कई सप्ताह से विवाद जारी है। गाने के बोल और विजुअल्स को लेकर दर्ज शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि इसकी प्रस्तुति महिलाओं के प्रति अपमानजनक और आपत्तिजनक है। मामले का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडबल्यू) ने अभिनेत्री नोरा फतेही, अभिनेता संजय दत्त समेत गाने से जुड़े अन्य लोगों को नोटिस जारी किया था। इसी सिलसिले में नोरा फतेही आयोग के समक्ष पेश हुईं। सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा, “यह एक ऐसी स्थिति थी जिसमें मैं आ गई थी। मेरा किसी को आहत करने का इरादा नहीं था, लेकिन एक कलाकार होने के नाते मुझे अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। मैं निश्चित रूप से माफी मांगती हूं। नोरा फतेही ने आगे कहा कि समाज को कुछ लौटाना बेहद जरूरी है और इसी सोच के तहत उन्होंने कुछ अनाथ लड़कियों की शिक्षा का खर्च उठाने का निर्णय लिया है। उनके अनुसार, इस विवाद के बाद उन्होंने यह पहल शुरू करने का संकल्प लिया है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग के नोटिस के बाद संजय दत्त भी दिल्ली में आयोग के सामने पेश हुए और अपना पक्ष रखा। जानकारी के अनुसार, उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए माफी व्यक्त की तथा 50 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का वादा किया। आयोग ने अपने बयान में कहा था कि यह गाना “सेक्सुअली सजेस्टिव और आपत्तिजनक” प्रतीत होता है तथा यह भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और पोक्सो एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन कर सकता है। आयोग ने बताया कि उसने राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए मीडिया रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लिया। विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार की ओर से भी पुष्टि की गई थी कि गाने के बोल और विजुअल्स को लेकर व्यापक आलोचना के चलते ‘सरके चुनर तेरी सरके’ पर प्रतिबंध लगाया गया है।




