Thursday, May 7, 2026
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कोकण क्षेत्र के काजू, हापूस और मत्स्य उत्पादों के निर्यात को मिलेगी गति : मंत्री नितेश राणे

मुंबई। कोकण क्षेत्र के काजू, हापूस आम और मत्स्य उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने के लिए रत्नागिरी के जयगढ़ बंदर को महत्वपूर्ण बताते हुए मत्स्यव्यवसाय मंत्री नितेश राणे ने संबंधित विभागों को निर्यात प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि और मत्स्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सभी उपाय योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से लागू किए जाएं। बुधवार को मंत्रालय में मंत्री नितेश राणे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मत्स्यव्यवसाय आयुक्त प्रेरणा देशभ्रतार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की प्रादेशिक निदेशक प्रीति चौधरी, जेएसडब्ल्यू पोर्ट के दिलीप शेट्टी, महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. प्रदीप सहित बंदरगाह, परिवहन और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मंत्री राणे ने कहा कि कोकण के किसानों और मत्स्य व्यवसायियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में जयगढ़ बंदर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए निर्यात से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने बंदरगाह पर कृषि और मत्स्य उत्पादों के निर्यात के लिए शीतसाखळी (कोल्ड चेन), परीक्षण व्यवस्था, परिवहन प्रणाली और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। मंत्री राणे ने कहा कि रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और कोल्हापुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काजू उत्पादन होता है, जबकि कोकण का हापूस आम विश्व स्तर पर अपनी विशेष पहचान रखता है। इसके अलावा मत्स्य व्यवसाय भी कोकण की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है। ऐसे में इन सभी उत्पादों को सीधे विदेशी बाजार तक पहुंचाने के लिए निर्यात परियोजना को तेजी से पूरा करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों और मछुआरों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य तभी मिल सकेगा, जब निर्यात व्यवस्था मजबूत होगी। इसलिए संबंधित सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा को तुरंत दूर करें। बैठक में काजू उत्पादकों, हापूस आम उत्पादकों और मत्स्य व्यवसायियों के बीच इस परियोजना को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री राणे ने विश्वास जताया कि यदि कोकण के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध हुआ, तो इससे स्थानीय लोगों की आय में बड़ी वृद्धि होगी और पूरे कोकण क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल कोकण ही नहीं, बल्कि राज्य की निर्यात वृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। इसलिए सभी विभाग अभी से सुनियोजित और तेज गति से कार्य करें, ताकि जल्द से जल्द निर्यात प्रक्रिया शुरू की जा सके।

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