Thursday, April 30, 2026
Google search engine
HomeMaharashtra300 करोड़ वृक्षारोपण लक्ष्य के लिए ‘हरित महाराष्ट्र आयोग’ को मंजूरी

300 करोड़ वृक्षारोपण लक्ष्य के लिए ‘हरित महाराष्ट्र आयोग’ को मंजूरी

मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में राज्य में वर्ष 2047 तक 300 करोड़ वृक्षारोपण के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए “हरित महाराष्ट्र आयोग” की स्थापना को मंजूरी दे दी गई। इस आयोग को पूरे अभियान की योजना, क्रियान्वयन, निगरानी और वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग की संचालन समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। इसके अलावा वन मंत्री, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, कृषि मंत्री और रोजगार गारंटी योजना मंत्री सह-उपाध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे, जिससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। राष्ट्रीय वन नीति 1988 के अनुसार देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 33 प्रतिशत हिस्सा वन या वृक्ष आच्छादन होना चाहिए, जबकि वर्तमान में महाराष्ट्र में यह आंकड़ा कुल 21.25 प्रतिशत (16.53% वन क्षेत्र और 4.72% वृक्ष आच्छादन) है। राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 33 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में भूमि उपलब्धता एक प्रमुख चुनौती है, जिसके समाधान के लिए “लैंड बैंक” तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। वर्तमान में लगभग 29,000 वर्ग किलोमीटर भूमि उपलब्ध बताई गई है, जबकि 300 करोड़ वृक्षारोपण के लिए करीब 27 लाख हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। इस पहल के तहत केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि वन क्षेत्र और घासभूमि का विस्तार, जल संरक्षण, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता विकसित करने जैसे व्यापक उद्देश्यों को भी शामिल किया गया है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर भी फोकस रहेगा। जिलावार लैंड बैंक विकसित कर वन विभाग, मनरेगा और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि वृक्षारोपण कार्यक्रमों को एकीकृत रूप से लागू किया जा सके। “हरित महाराष्ट्र आयोग” इस पूरे अभियान का केंद्रीय समन्वयक बनकर राज्य के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments