
मुंबई। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एफ-उत्तर (माटुंगा/सायन) विभाग में बड़ी कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन में ड्रेनेज परमिशन के नाम पर मोटी रिश्वत मांगने वाले एक सब-इंजीनियर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जिससे बीएमसी महकमे में हड़कंप मच गया है।गिरफ्तार आरोपी की पहचान विशाल भालचंद्र वाणी के रूप में हुई है, जो एफ-नॉर्थ वार्ड के ‘प्रजन्य जल वाहिनी’ विभाग में द्वितीय श्रेणी अभियंता के पद पर तैनात था। मामला एक निर्माण साइट से जुड़ा है, जहां जल निकासी (Drainage) की अनिवार्य अनुमति (NOC) देने के बदले आरोपी ने शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।शिकायतकर्ता ने हिम्मत दिखाते हुए रिश्वत देने के बजाय सीधे एसीबी से संपर्क किया।जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी ने पानी निकासी की अनुमति के लिए 2.5 लाख रुपए लेने पर सहमति जताई थी। इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर शुक्रवार को आरोपी को 2.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 27 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद बीएमसी के एफ-उत्तर विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूत्रों से मिला जानकारी के अनुसार एसीबी अब आरोपी के कार्यालय और आवास की तलाशी लेकर उसकी संपत्ति, बैंक लेन-देन और संभावित भ्रष्टाचार के अन्य मामलों की जांच कर रही है। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है और इससे सरकारी विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त संदेश गया है।




