
पालघर। पालघर जिले के भायंदर स्थित सरकारी अस्पताल में अमरनाथ यात्रा के लिए अनिवार्य मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर रिश्वतखोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जाल बिछाकर एक स्वास्थ्य सेवक को 3,600 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अपने साथियों के साथ अमरनाथ यात्रा 2026 पर जाने की तैयारी कर रहे थे, जिसके लिए सरकारी अस्पताल से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य होता है। जब वे भायंदर (पश्चिम) स्थित पंडित भीमसेन जोशी शासकीय अस्पताल पहुंचे, तो वहां तैनात स्वास्थ्य सेवक अमित नाना किणी (43) ने उनसे संपर्क कर बिना किसी मेडिकल जांच के सर्टिफिकेट देने का प्रस्ताव रखा। आरोपी ने पहले प्रति व्यक्ति 500 रुपये की मांग की, लेकिन बाद में सौदेबाजी के बाद 400 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से 9 लोगों के लिए कुल 3,600 रुपये तय किए।शिकायतकर्ता ने सूझबूझ दिखाते हुए रिश्वत देने के बजाय इसकी शिकायत ACB से कर दी। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB टीम ने 24 अप्रैल 2026 को अस्पताल परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।इस मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ACB अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।ACB ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराएं। यह कार्रवाई न केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित है, बल्कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश भी है कि जनता की मजबूरी का फायदा उठाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।




