
नई दिल्ली। 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने में कथित चूक को लेकर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर क्षेत्र के पांच पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे गए आदेश में जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें अतिरिक्त एसपी संदीप गराई, एसडीपीओ सजल मंडल, डायमंड हार्बर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज मौसम चक्रवर्ती, फलता पुलिस स्टेशन के आईसी अजय बाग और उस्थी पुलिस स्टेशन की ओसी सुभेच्छा बाग शामिल हैं। आयोग ने इन सभी पर गंभीर कदाचार और चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने में विफलता का आरोप लगाया है। इसके साथ ही, डायमंड हार्बर की एसपी इशानी पाल को भी कड़ी चेतावनी जारी की गई है। आयोग का कहना है कि उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों के बीच अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में पर्याप्त भूमिका नहीं निभाई। चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यह कार्रवाई तत्काल लागू की जाए और शनिवार सुबह 11 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इस बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 91.91 प्रतिशत मतदान हुआ, जो अब तक के सबसे अधिक आंकड़ों में से एक है। राज्य के कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिसमें दक्षिण दिनाजपुर (94.85 प्रतिशत), कूच बिहार (94.54प्रतिशत), बीरभूम (93.70प्रतिशत), जलपाईगुड़ी (93.23प्रतिशत) और मुर्शिदाबाद (92.93 प्रतिशत) प्रमुख रहे। यह आंकड़े मतदाताओं की मजबूत भागीदारी और सक्रिय लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दर्शाते हैं। बताया गया है कि पश्चिम बंगाल की 152 सीटों और तमिलनाडु की 234 सीटों पर पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है, जबकि पश्चिम बंगाल की शेष 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होना है। मतगणना 4 मई को की जाएगी। चुनाव आयोग का यह सख्त कदम साफ संकेत देता है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी।




