
नागपुर। शहर में नशा विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पहली बार एलएसडी (लाइसर्जिक एसिड डायथाइलमाइड) जैसे खतरनाक ‘पार्टी ड्रग’ की खेप बरामद करते हुए पुलिस ने दो कॉलेज स्टूडेंट्स- कुणाल गिरी (22) और दीपेश बोहरे (22) को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से करीब 1.70 लाख रुपये कीमत के 17 एलएसडी डॉट्स (ब्लॉटर्स) बरामद किए गए हैं, जो छोटे स्टिकर या बिंदी जैसे दिखते हैं लेकिन बेहद शक्तिशाली नशीला प्रभाव रखते हैं और सीधे दिमाग पर असर डालते हैं। यह पूरी कार्रवाईजैताला इलाके के बैज लेआउट में की गई, जो एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। सिटी पुलिस की पीआर टीम से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड और ‘भरोसा सेल’ की संयुक्त टीम ने 24 अप्रैल की सुबह कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 4.37 लाख रुपये मूल्य का प्रतिबंधित सामान जब्त किया है, जिसमें एलएसडी डॉट्स के अलावा दो मोबाइल फोन, एक मोपेड और एक पल्सर बाइक शामिल हैं। दोनों आरोपी मूल रूप से गोंदिया जिले के रहने वाले हैं और नागपुर के राणा प्रताप नगर इलाके में किराए से रह रहे थे, जबकि इस मामले में शामिल एक अन्य संदिग्ध फरार है जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(सी), 22(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि एलएसडी जैसे ‘पार्टी ड्रग्स’, जो पहले दिल्ली, मुंबई, और पुणे जैसे बड़े शहरों तक सीमित माने जाते थे, अब नागपुर जैसे शहरों में भी तेजी से फैल रहे हैं, खासकर कॉलेज जाने वाले युवाओं के बीच, जो चिंता का विषय है। पुलिस ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।




