
मुंबई। राज्य के कृषि क्षेत्र को बाजार, तकनीक और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से राज्यपाल तथा कुलपति जिष्णु देव वर्मा ने सभी कृषि विश्वविद्यालयों में पहले चरण में 50 एग्री-बेस्ड इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को लोकभवन, मुंबई में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों के माध्यम से कृषि विश्वविद्यालयों में तैयार होने वाले उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा, किसानों को आधुनिक तकनीक और पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन का प्रशिक्षण मिलेगा तथा विद्यार्थियों को कृषि उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहन प्राप्त होगा। बैठक में कृषि, पशुसंवर्धन, दुग्धविकास और मत्स्यव्यवसाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्य के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों के कुलगुरु उपस्थित थे। राज्यपाल वर्मा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में शाश्वत विकास के लिए विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और शासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादक कंपनियों को सशक्त बनाने पर जोर दिया। साथ ही कृषि विश्वविद्यालयों को अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और प्रशासनिक दक्षता में सुधार कर राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में आगे बढ़ने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सफल किसानों की कहानियों को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने और आदिवासी क्षेत्रों, विशेषकर नंदुरबार में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
बैठक में कृषि विभाग द्वारा ‘महाविस्तार ऐप’, ‘एग्रीस्टैक’ और एआई आधारित कृषि नीतियों की जानकारी प्रस्तुत की गई, जिससे लाखों किसान डिजिटल माध्यम से योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि ऐसे नवाचारों के जरिए किसानों को सशक्त बनाना समय की मांग है। इस पहल से न केवल कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में रोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।




