
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) के बस अड्डों, कार्यालयों, कार्यशालाओं और डिपो की छतों पर ग्रिड सोलर ऊर्जा प्रणाली के जरिए बिजली उत्पादन करने के लिए राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है। इस परियोजना के लिए करीब ₹13.03 करोड़ के बजट को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दी गई है। इससे एसटी के बिजली खर्च में बड़ी कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। मंगलवार को परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने दी। परिवहन मंत्री ने बताया कि इस फैसले के बाद एसटी के विभिन्न परिसरों में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा, जिससे हर साल लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये तक पारंपरिक बिजली खर्च की बचत होने की उम्मीद है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना के क्रियान्वयन में तकनीकी मानकों, डिजाइन और पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।यह पहल हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक अनुशासन—तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।




