
दिनेश चंद्र रावल/ठाणे। ठाणे के माजीवाड़ा-मानपाड़ा वार्ड स्थित ‘मिंट (मुक्ति) लॉजिंग होटल’ को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। समाजसेवी गोपाल भानुशाली ने आरोप लगाया है कि यह इमारत, जिसे मूल रूप से ग्राउंड प्लस वन (G+1) की अनुमति थी, उसे बिना अनुमति के ग्राउंड प्लस टू (G+2) में परिवर्तित कर दिया गया। वर्ष 1990 के सरकारी रिकॉर्ड और स्वीकृत नक्शे के अनुसार, भवन को केवल एक अतिरिक्त मंज़िल की ही मंजूरी थी, लेकिन नियमों का उल्लंघन करते हुए एक और मंज़िल का निर्माण कर लिया गया।शिकायत के अनुसार, वर्ष 2017 में दो मंज़िला निर्माण का प्रस्ताव खारिज होने के बावजूद अवैध रूप से अतिरिक्त मंज़िल बनाई गई और केवल मरम्मत की अनुमति का दुरुपयोग किया गया। इस मामले में 8 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री, लोकायुक्त और ठाणे नगर निगम के आयुक्त को औपचारिक शिकायत सौंपी गई है।आरोप यह भी है कि वर्ष 2023 में हुई सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों ने गलत जानकारी प्रस्तुत कर लोकायुक्त को गुमराह किया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2014 में ही अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया गया था, और 2025 में दस्तावेज़ जमा करने के आदेश दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।इस पूरे प्रकरण ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला न केवल अवैध निर्माण बल्कि प्रशासनिक स्तर पर संभावित भ्रष्टाचार और मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।




