
मुंबई। राज्य में निवेश आकर्षित कर उसे उद्योगों में परिवर्तित करने के लिए सरकार द्वारा कई नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिसके चलते महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास का नया दौर शुरू हो गया है। यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही। उन्होंने कहा कि श्याम स्टील और जेडब्ल्यू ग्लोबल जैसे उद्योग समूहों का राज्य में निवेश इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने ‘वर्षा’ निवास स्थान पर आयोजित बैठक में उद्योग विभाग के साथ इन दोनों कंपनियों के साथ सामंजस्य करार (MoU) किए जाने के अवसर पर कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए सरल और पारदर्शी प्रक्रिया उपलब्ध करा रही है। उन्होंने निवेशकों से महाराष्ट्र में निवेश करने का आह्वान भी किया। उन्होंने बताया कि जेडब्ल्यू ग्लोबल के माध्यम से राज्य में शाश्वत ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा सिविल न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में निवेश की अनुमति मिलने के बाद महाराष्ट्र ने ‘स्मॉल मॉड्युलर न्यूक्लियर रिएक्टर’ में निवेश की दिशा में पहल की है और इस संबंध में दो समझौते भी किए गए हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल स्थित श्याम स्टील समूह चंद्रपुर जिले के गोडपिंपरी तालुका में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश कर स्टील उद्योग स्थापित कर रहा है, जिससे लगभग 8,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। वहीं, जेडब्ल्यू ग्लोबल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड राज्य में करीब 1.65 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। सोलापुर जिले के उजनी बांध में फ्लोटिंग सोलर पावर और एनर्जी स्टोरेज परियोजना के तहत कंपनी 14,976 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे लगभग 500 स्थायी रोजगार उत्पन्न होंगे। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैंपस, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट और स्मॉल मॉड्युलर न्यूक्लियर रिएक्टर जैसे क्षेत्रों में भी निवेश किया जाएगा, जिससे कुल मिलाकर लगभग 3,000 रोजगार सृजन की संभावना है। बैठक में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव पी. अन्बलगन, सह सचिव लक्ष्मीकांत ढोके, मुख्यमंत्री के निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसे सहित श्याम स्टील के अध्यक्ष पुरुषोत्तम बेरीवाला, प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ बेरीवाला तथा जेडब्ल्यू ग्लोबल के अध्यक्ष जयदीप वानखेड़े और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




