
मुंबई। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी “मेरा गांव, स्वास्थ्य संपन्न गांव” अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों मंगलवार को किया गया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर सहित कई मंत्री मौजूद रहे। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण महाराष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत, रोगमुक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार का लक्ष्य है कि जनभागीदारी के माध्यम से इसे एक व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाए और गांव स्तर से लेकर राज्य स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त किया जाए। अभियान की खास बात यह है कि इसमें इलाज से अधिक रोकथाम (प्रिवेंटिव केयर) पर जोर दिया जाएगा। स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, सीवरेज प्रबंधन, पोषण, संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों की रोकथाम जैसे बुनियादी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही मातृ-शिशु स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और बदलती जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को भी प्राथमिकता दी गई है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य, संभाग, जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले गांवों को “स्वास्थ्य संपन्न गांव” के रूप में सम्मानित किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार ने 65.25 करोड़ रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर और राज्य मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर ने विश्वास जताया कि यह अभियान केवल एक योजना नहीं बल्कि एक जनआंदोलन साबित होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।




