
ठाणे। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत बन रही 21 किलोमीटर लंबी सुरंग के निर्माण कार्य में अहम प्रगति दर्ज की गई है। बीकेसी से शीलफाटा के बीच प्रस्तावित इस सुरंग के 5 किलोमीटर हिस्से की खुदाई न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) के माध्यम से सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। यह NATM वाला हिस्सा घनसोली और शीलफाटा के बीच स्थित है। सुरंग की खुदाई पूरी होने के बाद अब निर्माण के अगले चरणों में तेजी से काम किया जा रहा है। सुरंग के अंदर ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण विशेष ड्रेनेज कास्टिंग गैंट्री के जरिए किया जा रहा है, जिससे रिसने वाले पानी को सुरक्षित रूप से एकत्रित कर निर्धारित प्रणाली के माध्यम से बाहर निकाला जा सके। इसके बाद वॉटरप्रूफिंग गैंट्री के माध्यम से विशेष मेम्ब्रेन लगाए जा रहे हैं, जो सुरंग को पानी के प्रवेश से सुरक्षित रखने के लिए मजबूत सुरक्षा परत प्रदान करते हैं। सुरंग की संरचना को और मजबूत बनाने के लिए उसके डिजाइन के अनुसार रीइन्फोर्समेंट बार केज तैयार कर लगाए जा रहे हैं, जो अंतिम कंक्रीट लाइनिंग के लिए स्टील फ्रेमवर्क का कार्य करते हैं। अंतिम चरण में लाइनिंग गैंट्री की सहायता से कंक्रीट लाइनिंग डाली जा रही है, जिससे सुरंग को स्थायी मजबूती और एकसमान चिकनी सतह मिलती है। इसके साथ ही संचालन और रखरखाव के लिए आवश्यक उपकरण कक्ष भी विकसित किए जा रहे हैं, जहां महत्वपूर्ण तकनीकी प्रणालियां स्थापित की जाएंगी। लगातार प्रगति के साथ भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का यह भूमिगत खंड तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रहा है, जो देश के आधुनिक परिवहन ढांचे में एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा।




